महिलाओं का शोषण करने वाले को मौत की सजा मिलनी चाहिए : सपा नेता अबू आजमी

Mumbai , 10 अप्रैल . Samajwadi Party (सपा) के Maharashtra प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने Friday को से विशेष बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे. उन्होंने महिला सुरक्षा, Political शिष्टाचार, मतदाता जागरूकता और ध्रुवीकरण जैसे विषयों पर सख्त रुख अपनाया.

एक आईटी कंपनी में महिला कर्मचारियों के कथित यौन शोषण के मामले पर अबू आजमी ने कहा, “अगर मुस्लिम समुदाय का कोई व्यक्ति सचमुच किसी महिला का शोषण कर रहा है या दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना कर रहा है, तो उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए. इस्लाम भी यही सिखाता है और मैं भी इसी बात को दोहराता हूं. महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. अपराधी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी समुदाय का हो.”

टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अबू आजमी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा, “जब कोई प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलने जाता है, तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए. अगर कोई आपत्ति हो तो उसका उचित और शालीन तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए. ‘दफा हो जाओ’ जैसे शब्द इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत और अनुचित है. राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन शिष्टाचार का ध्यान रखना जरूरी है.”

मतदाताओं में जागरूकता फैलाने और घुसपैठियों पर नजर रखने के मुद्दे पर अबू आजमी ने जोर दिया. उन्होंने कहा, “जनता के बीच जागरूकता पैदा करना अत्यंत आवश्यक है. लोगों को सतर्क रहना चाहिए और अपनी मतदाता सूचियों की नियमित जांच करनी चाहिए. अन्यथा उनके नाम मनमाने ढंग से हटाए जा सकते हैं. Government की जिम्मेदारी है कि वह यह जांच करे कि घुसपैठिए कहां से आ रहे हैं और उन्हें कैसे रोका जाए. लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत है, इसलिए मतदाता सूची की पवित्रता बनाए रखनी होगी.”

असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों पर टिप्पणी करते हुए अबू आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “सीएम सरमा की टिप्पणियां बहुत ही निम्न स्तर की हैं. उनका मकसद बार-बार हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को उठाकर समाज में ध्रुवीकरण पैदा करना है. यह देश की एकता के लिए ठीक नहीं है. आखिरकार जनता का फैसला चुनाव के नतीजों में साफ तौर पर सामने आएगा.”

एससीएच/एबीएम

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