
Bengaluru, 1 फरवरी . कर्नाटक के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने Sunday को कहा कि केंद्रीय बजट में Bengaluru-हैदराबाद और Bengaluru-चेन्नई के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन इससे सीमित लाभ ही मिलेगा.
वे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत 2026-27 के केंद्रीय बजट पर मीडिया से बात कर रहे थे.
मंत्री ने कहा कि इसके बजाय, Bengaluru और पुणे के बीच इसी तरह का कॉरिडोर शुरू किया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि कर्नाटक और Maharashtra के सांसदों को इस मुद्दे को सामूहिक रूप से और निष्पक्ष तरीके से उठाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि घोषित दोनों मार्गों पर ट्रेनें कर्नाटक के भीतर 100 किलोमीटर तक भी नहीं चलेंगी.
उन्होंने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि Prime Minister Narendra Modi की Government ने इस पहलू पर ध्यान नहीं दिया है.
पाटिल ने कहा कि राज्य ने मांग की थी कि ऊपरी कृष्णा परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए और ऊपरी भद्रा परियोजना के लिए पहले से घोषित 5,600 करोड़ रुपए की सहायता राशि जारी की जाए. हालांकि, बजट में इनमें से किसी का भी उल्लेख नहीं है. इसके अलावा, बजट में कृषि समुदाय को सहायता देने के उद्देश्य से एक भी योजना शामिल नहीं है.
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह, यह बजट भी राज्य के लिए निराशाजनक साबित हुआ है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करने और पांच क्षेत्रीय चिकित्सा पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के प्रस्ताव कर्नाटक की ‘क्वीन’ सिटी अवधारणा से प्रभावित हैं.
मंत्री पाटिल ने कहा कि राज्य ने दो रक्षा गलियारा परियोजनाओं के लिए भी मंजूरी मांगी थी.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के मजबूत एयरोस्पेस और रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को देखते हुए इन्हें बजट में जगह मिलनी चाहिए थी. हालांकि, वित्त मंत्री ने इस प्रस्ताव का जिक्र तक नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के साथ अन्याय हुआ है.
उन्होंने कहा कि ‘क्वीन’ सिटी परियोजना कुल 5,000 एकड़ क्षेत्र में लागू की जाएगी.
उन्होंने कहा कि पहले चरण में, 2,000 एकड़ भूमि पर इसका विकास किया जा रहा है, और वर्तमान में कार्य प्रगति पर है. इस परियोजना के अंतर्गत अग्रणी वैश्विक विश्वविद्यालयों के परिसर, गुणवत्तापूर्ण अस्पताल और अनुसंधान संस्थान स्थापित किए जाएंगे.
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एमएस/