मणिचक्र को एक्टिव करता है ये आसन, रक्त संचार को भी नियंत्रित करने में करता है मदद

New Delhi, 1 अगस्त . दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और पीठ दर्द होना आम है. इससे निजात पाने के लिए व्याघ्रासन एक सटीक, सरल और असरदार समाधान है. इसको करने से पेट कम होता है और शरीर में नई ऊर्जा आती है.

व्याघ्रासन को करने के दौरान शरीर की मुद्रा बाघ के समान होती है, जिस वजह से इसे टाइगर पोज भी कहा जाता है. यह मुद्रा ऊर्जा को नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण तरीके से प्रवाहित करने में भी सहायक है.

India Government के आयुष मंत्रालय के अनुसार, व्याघ्रासन (टाइगर पोज) रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने, कमर दर्द व साइटिका से राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण योगासन है.

व्याघ्रासन को करते समय पेट के अंगों पर पड़ने वाले हल्के दबाव से पाचन तंत्र सक्रिय होता है, जिससे गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. नियमित अभ्यास से भोजन का पाचन बेहतर होता है और भूख सही समय पर लगती है.

व्याघ्रासन (टाइगर पोज) मणिपुर (सोलर प्लेक्सस चक्र) और स्वाधिष्ठान चक्र (सैक्रल चक्र) को उत्तेजित करता है. यह आसन आत्मविश्वास, आंतरिक शक्ति और सशक्तीकरण की भावना को बढ़ाता है.

यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है. इस आसन से शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व अच्छी तरह पहुंचते हैं, जिससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है. खासकर पैरों, हाथों और पीठ की मांसपेशियां व्याघ्रासन से मजबूत बनती हैं. बेहतर रक्त संचार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और आप लंबे समय तक स्वस्थ बने रहते हैं.

व्याघ्रासन करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और हथेलियों को जमीन पर टिका लें ताकि शरीर का भार हाथों और घुटनों पर आ जाए. अब गहरी सांस लें, सामने देखें और अपनी दाईं टांग को पीछे की ओर सीधा उठाएं. साथ ही, अपनी गर्दन को ऊपर की ओर खींचें. इसके बाद, सांस छोड़ते हुए उस दाईं टांग को मोड़कर अपनी छाती की तरफ लाएं और पीठ को ऊपर की ओर गोलाई में झुकाएं.

–

एनएस/एएस

Leave a Comment