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Monday, 19 October 2026
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केरल में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात को लेकर राजनीतिक उत्तराधिकारियों के बीच विधानसभा में हुआ टकराव

केरल में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात को लेकर Political उत्तराधिकारियों के बीच विधानसभा में हुआ टकराव

तिरुवनंतपुरम, 22 जून . केरल विधानसभा में संक्रामक बीमारियों के फैलने पर हो रही बहस जल्द ही दो प्रमुख Political उत्तराधिकारियों के बीच तीखी Political लड़ाई में बदल गई. सीपीआई (एम) विधायक व पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास और स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्थिति से निपटने के Government के तरीके को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए.

मौजूदा नेता विपक्ष और पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन के दामाद रियास ने राज्य में संक्रामक बीमारी की स्थिति पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने की अनुमति मांगने वाला नोटिस पेश किया.

हालांकि, स्पीकर ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की जरूरत नहीं है.

इस हंगामे के दौरान केरल की राजनीति से जुड़े दो सियासी परिवारों के प्रतिनिधि आमने-सामने आ गए. इनमें एक तरफ रियास थे जो वामपंथी नेतृत्व की विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और दूसरी तरफ पूर्व Chief Minister के. करुणाकरण के बेटे मुरलीधरन थे, जो सत्ता पक्ष की ओर से Government का बचाव कर रहे थे.

पूर्व मंत्री रियास ने आरोप लगाया कि केरल के अपने अच्छे कामों की वजह से चर्चा में रहे स्वास्थ्य मॉडल को झटका लगा है और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर तालमेल की कमी का भी आरोप लगाया.

उन्होंने दावा किया कि चार जिले बिना जिला चिकित्सा अधिकारियों के काम कर रहे हैं और कोझिकोड में उचित चिकित्सा नेतृत्व की कमी पर भी सवाल उठाए.

रियास ने पूछा, “क्या Government कोझिकोड के लिए एक भी मेडिकल अफसर उपलब्ध नहीं करा सकती थी?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग बीमारी से बचाव के उपायों को मजबूत करने के बजाय तबादलों और पोस्टिंग में व्यस्त था.

उन्होंने दावा किया कि निपाह की दवाएं बीमारी का पता चलने के पांच दिन बाद राज्य में पहुंचीं और आरोप लगाया कि यह सप्लाई भी विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के बाद हो सकी.

रियास ने कड़े शब्दों में स्वास्थ्य मंत्री के दफ्तर पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां के एक अधिकारी (स्वास्थ्य सेवा के पूर्व निदेशक) निपाह वायरस से भी ज्यादा बड़ी चिंता का विषय बन गए थे.

इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने पलटवार करते हुए विपक्ष पर बेवजह घबराहट फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य Government ने तेजी से कार्रवाई की और निपाह के इलाज के लिए जरूरी दवाइयां 24 घंटे के अंदर विदेश से मंगवाई गईं.

मुरलीधरन ने कहा कि केरल में निपाह का सिर्फ एक मामला सामने आया है और बताया कि India में कहीं भी इबोला का कोई मामला नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि विभागों के बीच तालमेल और स्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण के जरिए राज्य में बीमारी की रोकथाम का मजबूत तंत्र मौजूद है.

मुरलीधरन ने कहा कि वर्तमान Government पर पिछले 10 सालों के ‘रील्स’ और पिछले पांच सालों में ‘वीणा बजाने’ का बोझ है. यह बात उन्होंने रियास पर तंज कसते हुए कही, जिन्हें कांग्रेस ने मंत्री (2021-26) पद पर रहते हुए रील्स बनाने और पोस्ट करने के लिए घेरा था. साथ ही, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर भी मुरलीधरन ने तंज कसा.

स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन ने सदन को भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में खाली पद जल्द ही भरे जाएंगे और किसी को भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि Government ने सभी जरूरी एहतियाती कदम उठा लिए हैं.

पूर्व मंत्री रियास और स्वास्थ्य मंत्री मुरलीधरन के बीच हुए टकराव के दौरान विधानसभा में हंगामे की स्थिति रही, जहां जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के साथ ही केरल की पुरानी Political प्रतिद्वंद्विता भी सामने आ गई.

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एसएचके/पीएम

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