
New Delhi, 11 मई . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में Monday को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में पश्चिम एशिया के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर मंथन किया गया. इसके अलावा, बैठक में ईंधन उपलब्धता और आवश्यक वस्तुओं के भंडारण व वितरण व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया.
Government ने यह भरोसा दिलाया कि देशवासियों को किसी भी आवश्यक वस्तु की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं.
दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के संघर्ष के कारण विश्व के कई देशों में ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है. वहीं, किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए India पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर नजर बनाए हुए है. इसी के मद्देनजर Monday को देश में ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए अंतर-मंत्रालयी समूह की पांचवीं बैठक आयोजित की गई.
इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, Union Minister किरेन रिजिजू, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू समेत कई अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति शामिल हुए.
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस तथा अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है. Government लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी प्रकार की कमी या बाधा से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देश में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं. केंद्र और संबंधित एजेंसियां मिलकर ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती तथा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं.
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें व धैर्य रखें और किसी भी प्रकार की घबराहट या अनावश्यक खरीदारी से बचें. Government के अनुसार, देश में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
बैठक में यह भी कहा गया कि Prime Minister मोदी द्वारा वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में लोगों से सामूहिक भागीदारी और संसाधनों के संरक्षण की अपील आत्मनिर्भरता तथा ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ऊर्जा बचत और जिम्मेदार उपभोग को राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए इसे कठिन वैश्विक परिस्थितियों से निपटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया गया.
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से मालवाहक जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. यह वही मार्ग है जहां से विभिन्न देशों को कच्चे तेल और गैस की बड़ी सप्लाई होती है. फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम जारी है. हालांकि, संघर्ष विराम के बावजूद मालवाहक समुद्री जहाजों की आवाजाही सुचारु रूप से अभी तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है.
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जीसीबी/एसके