
विशाखापत्तनम, 11 जून . ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी मरीन इंजीनियर समेत तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है.
जानकारी के अनुसार, पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर ओमान तट के निकट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास हमला हुआ. इस हमले में जहाज के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) Patnaला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई.
बताया गया कि घटना के बाद तीनों भारतीय नाविक लापता थे, लेकिन बाद में उनके शव बरामद होने की पुष्टि कर दी गई.
विशाखापत्तनम निवासी Patnaला सुरेश अपने पीछे पत्नी भार्गवी और 13 व 10 वर्ष के दो बेटों को छोड़ गए हैं. उनकी पत्नी ने बताया कि Wednesday रात उन्हें सूचना मिली थी कि जिस जहाज पर सुरेश कार्यरत थे, उस पर ड्रोन हमला हुआ है और उनके पति सहित तीन चालक दल के सदस्य लापता हैं.
भार्गवी ने बताया कि उन्होंने लगातार कंपनी और संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया. Dubai स्थित कार्यालय से उन्हें जानकारी दी गई कि बचाव अभियान चलाया जा रहा है. 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन सदस्य लापता थे.
उन्होंने बताया कि देर रात ऑनलाइन रिपोर्टों के माध्यम से दो लापता कर्मचारियों के शव मिलने की जानकारी मिली, जबकि सुरेश का कोई पता नहीं चल पाया था. Thursday दोपहर करीब एक बजे अधिकारियों ने उनके शव मिलने की पुष्टि की.
भार्गवी ने भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर उनके पति का पार्थिव शरीर India भेजा जाए, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके.
वहीं, सुरेश के पिता Patnaला रामकृष्ण राव ने अधिकारियों से मृतक की तस्वीर तत्काल साझा करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सुबह से वे लगातार जानकारी मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक परिवार को आधिकारिक रूप से कोई तस्वीर उपलब्ध नहीं कराई गई है.
परिवार ने Government से आर्थिक सहायता की भी मांग की है. उनका कहना है कि सुरेश ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उन्हीं पर पत्नी तथा दो बच्चों की जिम्मेदारी थी.
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डीएससी