‘पूरे देश को आप पर गर्व है’, नॉर्वे चेस चैंपियनशिप का खिताब जीतने पर गौतम अदाणी ने दी प्रग्गनानंदा को बधाई

New Delhi, 6 जून . आर. प्रग्गनानंदा ने Friday को नॉर्वे चेस चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने 20 वर्षीय भारतीय ग्रैंडमास्टर को बधाई दी.

गौतम अदाणी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रग्गनानंदा की तारीफ करते हुए लिखा, “प्रग्गनानंदा को नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई. यह शतरंज की दुनिया में धैर्य, बुद्धि और स्वभाव की सबसे बड़ी परीक्षा है. शतरंज के सबसे बड़े मंचों में से एक पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि है. लेकिन इसे और भी खास बनाता है वह जज्बा, जिसके साथ प्रग्गनानंदा खेलते हैं. वह एक भारतीय की तरह निडर हैं और पूरी तरह लक्ष्य पर केंद्रित रहते हैं. प्रग्गनानंदा, आप उभरते हुए युवा India के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं. पूरे देश को आप पर गर्व है.”

Friday को प्रग्गनानंदा ने क्लासिकल चेस इवेंट के 10वें और आखिरी राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की. सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रग्गनानंदा ने 45वीं चाल में जीत हासिल की और कीमर द्वारा की गई गलतियों का भरपूर फायदा उठाया. उन्होंने पांच जीत, दो हार और 2 ड्रॉ के साथ कुल 18 प्वाइंट्स के साथ टूर्नामेंट का अंत किया. प्रग्गनानंदा के दो ड्रॉ मुकाबलों का फैसला प्रग्गनानंदा आर्मागेडन गेम में जाकर हुआ, जिसमें वह जीत हासिल करने में सफल रहे.

छठे दौर के बाद अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर चल रहे प्रग्गनानंदा ने शानदार वापसी की. उन्होंने लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतकर इतिहास रचा. इस दौरान उन्होंने विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन को टूर्नामेंट में दूसरी बार हराया और डी. गुकेश के खिलाफ भी महत्वपूर्ण जीत दर्ज की. प्रग्गनानंदा 2021 के बाद नॉर्वे चेस में लगातार चार क्लासिकल मुकाबले जीतने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि मैग्नस कार्लसन ने हासिल की थी.

एसएम/एएस

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