राष्ट्र की सच्ची शक्ति नागरिकों की निस्वार्थ सेवा भावना में निहित है: पीएम मोदी

New Delhi, 27 अप्रैल . Prime Minister Narendra Modi ने Monday को निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह एक मजबूत और दयालु समाज की नींव है, साथ ही उन्होंने नागरिकों से सद्भावना के कार्यों के माध्यम से एक दूसरे को प्रेरित करने का आग्रह किया.

Prime Minister ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राष्ट्र की सच्ची शक्ति उसके नागरिकों की निस्वार्थ सेवा भावना में निहित है. यह लोगों को एक-दूसरे को प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित करता है, साथ ही हमारे समाज को और अधिक समृद्ध बनाता है.”

Prime Minister मोदी ने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया, जिसका अर्थ है: “पेड़ खुद तेज धूप सहन करते हैं, फिर भी दूसरों को छाया देते हैं. उनके फल भी दूसरों के लिए होते हैं. पेड़ निस्वार्थ और नेक लोगों के समान हैं जो हमेशा दूसरों को आराम और सहायता प्रदान करते हैं.”

वहीं इससे पहले Sunday को Prime Minister मोदी ने अपनी चुनावी रैली से पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर स्थित मतुआ ठाकुर मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने मतुआ समुदाय की मुखिया बिनपानी देवी से हुई अपनी मुलाकात को याद किया. 2019 में अपने इस दौरे की एक तस्वीर साझा करते हुए Prime Minister ने कहा कि उन्हें मंदिर की अपनी पिछली यात्रा के दौरान “बोरो मां” का आशीर्वाद प्राप्त करने की याद आ गई.

ठाकुरनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए, Prime Minister मोदी ने ओराकंडी की अपनी यात्रा के बारे में भी बात की और इसे एक बेहद भावुक अनुभव बताया. उन्होंने वहां मंदिर में पूजा करने और मतुआ समुदाय के सदस्यों से मिलने को याद किया और कहा कि बिनपानी देवी द्वारा दिखाई गई करुणा ने उन पर अमिट छाप छोड़ी है.

Prime Minister ने नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के केंद्र द्वारा कार्यान्वयन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतुआ जैसे समुदायों को नागरिकता प्रदान करना है. उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र करते हुए पूर्वी बंगाल से आए शरणार्थियों के अधिकारों की वकालत करने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया और जोर देकर कहा कि उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना India का एक ऐतिहासिक दायित्व है.

एसएके/एएस

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