
New Delhi, 27 अप्रैल . India और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर Monday को मुहर लगने वाली है. भारत-न्यूजीलैंड एफटीए को लेकर न्यूजीलैंड के Prime Minister क्रिस्टोफर लक्सन ने social media पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि India और न्यूजीलैंड के बीच एफटीए डील को लेकर दशकों से लोगों ने कहा कि यह नहीं होगा, लेकिन आज यह होने वाला है.
न्यूजीलैंड के Prime Minister क्रिस्टोफर लक्सन ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक साल से थोड़ा ज्यादा समय पहले, मैं India में Prime Minister मोदी से मिला था. तब हम इस बात पर सहमत हुए थे कि हम एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे. दशकों तक, कई लोगों ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता. लेकिन आज रात, उस डील पर साइन होने वाले हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “यह एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता है जो न्यूजीलैंड एक्सपोर्टर्स को 1.4 बिलियन लोगों तक पहले कभी नहीं हुई पहुंच देता है और एक ऐसी अर्थव्यवस्था बनाता है जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाली है. इसका मतलब है खेतों और बगीचों में ज्यादा नौकरियां, इसका मतलब है स्थानीय समुदाय में ज्यादा पैसा आना और इसका मतलब है आपके परिवार के लिए आगे बढ़ने के ज्यादा मौके.”
इस समझौते पर India मंडपम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उनके समकक्ष टॉड मैक्ले की उपस्थिति में हस्ताक्षर किया जाएगा. यह दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा.
इस समझौते का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर तक पहुंचाना है और इससे भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव सहित वैश्विक अनिश्चितताएं व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर रही हैं.
यह समझौता विनिर्माण, अवसंरचना, सेवाओं, नवाचार और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड से India में अनुमानित 20 अरब डॉलर के निवेश के लिए भी रास्ते खोलेगा.
इस समझौते के तहत, भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजारों में बिना किसी शुल्क के प्रवेश मिलेगा. वहीं न्यूजीलैंड से India को आयात होने वाले अपने लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में छूट या कमी देखने को मिलेगी. इन उत्पादों में ऊन, कोयला, लकड़ी, शराब, समुद्री भोजन, चेरी, एवोकाडो और ब्लूबेरी शामिल हैं.
हालांकि, India ने घरेलू किसानों और उद्योगों की सुरक्षा के लिए डेयरी, प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को शुल्क छूट के दायरे से बाहर रखा है. न्यूजीलैंड को कीवी फल और सेब जैसे प्रमुख निर्यातों पर कोटा-आधारित शुल्क में कमी भी मिलेगी.
साथ ही, उसे भेड़ के मांस, ऊन और वानिकी उत्पादों सहित कई वस्तुओं पर शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जबकि मनुका शहद, बेबी फूड्स और कुछ समुद्री भोजन पर शुल्क में कमी का लाभ भी मिलेगा.
समझौते की एक प्रमुख विशेषता पेशेवरों के लिए सुगम आवागमन है. न्यूजीलैंड ने प्रतिवर्ष 5,000 भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है, जिससे उन्हें तीन साल तक रहने की अनुमति मिलेगी. इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और निर्माण सहित कई तरह के व्यवसाय शामिल होंगे, साथ ही योग प्रशिक्षक, आयुष चिकित्सक, रसोइया और संगीत शिक्षक जैसे पारंपरिक पेशे भी शामिल होंगे.
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केके/एएस