तमिलनाडु में टीवीके-एनटीके की मौजूदगी ने चुनाव नतीजे को बनाया दिलचस्प, वोटों का बिखराव किसे देगा फायदा?

चेन्नई, 27 अप्रैल . तमिलनाडु चुनाव के बाद सभी पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं, लेकिन इस बार राज्य में चार प्रमुख दलों के बीच मुकाबला होने की वजह से चुनाव परिणामों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है.

निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च को तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में चुनाव की घोषणा की थी. केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग हुई. इसी दिन पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. सभी राज्यों और क्षेत्रों की मतगणना 4 मई को एक साथ होगी.

तमिलनाडु में इस बार चुनावी मुकाबला पारंपरिक दो-ध्रुवीय राजनीति से आगे बढ़कर बहुकोणीय हो गया है. इसमें डीएमके के नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), Actor विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) और सीमैन की नाम तमिलर काची (एनटीके) शामिल हैं. कई दलों की मौजूदगी से Political समीकरण बिखर गए हैं, जिससे नतीजों का आकलन करना और कठिन हो गया है.

सत्तारूढ़ डीएमके को भरोसा है कि वह लगातार दूसरी बार Government बनाएगी. पार्टी का मानना है कि विपक्षी वोटों का बंटवारा उसके पक्ष में जा सकता है, खासकर टीवीके के उभरने और एनटीके के स्थायी वोट बैंक के कारण.

वहीं एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन डीएमके Government के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी लहर पर भरोसा जता रहा है. गठबंधन के नेताओं का कहना है कि 84 प्रतिशत से अधिक मतदान इस बात का संकेत है कि जनता में नाराजगी है, जैसा कि 2011 के चुनाव में देखा गया था.

इस चुनाव में Actor विजय की पार्टी टीवीके भी खुद को राज्य में बदलाव की ताकत के रूप में पेश कर रही है. पार्टी का दावा है कि वह पारंपरिक द्रविड़ दलों से ऊब चुके मतदाताओं को आकर्षित कर रही है. वहीं एनटीके अपनी तमिल राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ एक मजबूत और प्रतिबद्ध समर्थन आधार बनाए हुए है.

हालांकि सभी दल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं और परिणाम के बाद की रणनीति पर भी चर्चा कर रहे हैं, लेकिन Political विश्लेषकों का मानना है कि बहुकोणीय मुकाबले के कारण नतीजे अप्रत्याशित हो सकते हैं.

4 मई को आने वाले नतीजे न केवल अगली Government तय करेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों के लिएराज्य की राजनीति की दिशा भी निर्धारित करेंगे.

एसएचके/

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