‘2014 का जनादेश पीएम मोदी के नाम पर था’, शर्मिष्ठा मुखर्जी ने की प्रधानमंत्री की तारीफ, कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल (आईएएनएस साक्षात्कार)

New Delhi, 28 जून . पूर्व President प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने Prime Minister Narendra Modi की खुलकर प्रशंसा की है. उन्होंने पीएम मोदी को एक मजबूत नेता बताते हुए कहा कि 2014 का जनादेश सिर्फ भाजपा का नहीं, बल्कि Prime Minister के नाम पर आया था. इस दौरान, शर्मिष्ठा मुखर्जी ने Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक असफल नेता करार दिया.

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने समाचार एजेंसी से साक्षात्कार में Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व, राहुल गांधी की Political संभावनाओं, कांग्रेस नेतृत्व और राष्ट्रीय राजनीति में अपने पिता की भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की.

सवाल: आपके पिता प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि Narendra Modi ऐसे Prime Minister होंगे जो जनता की ओर से इलेक्टेड होंगे. पीएम मोदी ने अपना 12 साल का कार्यकाल भी पूरा किया है. इसको आप किस तरह से देखती हैं?

जवाब: देखिए, India में साल 2014, Lok Sabha के इतिहास में बहुत ही अनोखा रहा. राजनीति में, खासकर कांग्रेस पार्टी में यह देखा गया है कि चुनावों के बाद सदन के नेता का चयन किया गया. इसके बाद सभी President से मिलने जाते हैं और Government बनाने का दावा पेश करते हैं. शायद यह पहली बार था, जब Narendra Modi पहले से घोषित Prime Minister उम्मीदवार थे. लोगों को पता था कि भाजपा चुनाव जीतेगी तो Narendra Modi Prime Minister बनेंगे.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Narendra Modi राष्ट्रीय राजनीति में एक तरीके से नया चेहरा थे, क्योंकि वे Gujarat के Chief Minister थे और वहां उनका कार्यकाल सफल था. उन्होंने अपने आपको प्रभावशाली बना लिया था, लेकिन 2014 के आम चुनाव में वह पहली बार Lok Sabha सांसद का चुनाव लड़े और जीते. यह जनादेश सिर्फ भाजपा का जनादेश नहीं था, बल्कि Narendra Modi के नाम पर भी जनादेश था. देश की जनता यह जानती थी कि भाजपा को वोट देंगे तो Narendra Modi ही Prime Minister बनेंगे. यह एक बहुत ही अनोखी स्थिति थी. सोचिए, उन्होंने पहली बार Lok Sabha सदस्य के रूप में संसद में भी एक Prime Minister के रूप में प्रवेश किया था. इस तरह यह अभूतपूर्व घटना 2014 में देखने को मिली.

सवाल: आप शुरू से कहती रही हैं कि Prime Minister Narendra Modi एक मजबूत नेता हैं, जिन्हें देश की आजादी के बाद सभी ने देखा है. क्या आप इसको लेकर स्पष्टीकरण दे सकती हैं कि आपने ऐसा क्यों कहा, जबकि देश में कई और नेता आए?

जवाब: देखिए, मैंने अपने लेख में लिखा कि ‘वह एक मजबूत Prime Minister है’. इसका मतलब यह नहीं है कि और मजबूत Prime Minister नहीं थे. मैंने यह इसलिए भी बोला कि पीएम मोदी ने इन 12 सालों में देश को बहुत ही सशक्त और स्थिर Government देने में सफलता हासिल की. उनकी नीतियों की कुछ लोग निंदा कर सकते हैं, सबको आजादी और लोकतंत्र में सभी ऐसा कर सकते हैं. मगर एक स्थिर Government, इस बारे में आप India के इतिहास में देखेंगे तो आजादी के बाद शुरुआत में यह जरूर देखा गया, लेकिन उसके बाद गठबंधन की Government बनीं. एक दौर ऐसा आया, खासकर 1990 में, जब बार-बार गठबंधन की Governmentें बनीं, गिरीं और फिर चुनाव हुए. इस तरह एक अस्थिरता की स्थिति रही.

2004 से लेकर 2014 तक यूपीए-1 और यूपीए-2 में गठबंधन Governmentें स्थिर रहीं, लेकिन बहुत सारे फैसले Government चाहते हुए भी नहीं ले पाईं. मेरे पिता दोनों Governmentों (यूपीए-1 और यूपीए-2) में शामिल थे. वे मंत्रिमंडल में रहे और वरिष्ठ नेता थे. मैंने उनकी डायरी भी पढ़ीं. जिन्होंने 2004 से लेकर 2014 तक Governmentों को देखा है. उन्होंने देखा होगा कि भले Governmentें नहीं गिरीं, लेकिन बहुत उतार-चढ़ाव भरा कार्यकाल रहा. यूपीए-1 में न्यूक्लियर डील के बाद लेफ्ट ने अपना समर्थन ले लिया था. इस तरह की स्थिति में क्षेत्रीय पार्टियों, जिन्होंने केंद्र Government को समर्थन दिया था, की अलग-अलग मांगें होती हैं. बहुत सारे भ्रष्टाचार के मामले आए थे. उनमें सहयोगी दलों के मंत्रियों और सांसदों के भी नाम आए थे.

बात यह है कि अगर आप दूसरे दलों का सहयोग लेकर गठबंधन Government बनाते हैं तो यहां अस्थिरता की संभावनाएं रहती हैं और बहुत ज्यादा मजबूत फैसले लेने में भी मुश्किल आती है. हालांकि, Narendra Modi के नेतृत्व में वर्तमान Government को एक जनादेश मिला और उन्होंने एक स्थिर Government देश को दी है. अगर आप आज विश्व की जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों, मध्य पूर्व का संकट और यूरोप में रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष को देखें तो चारों तरफ अस्थिरता की स्थिति है. उस हालात को देखते हुए केंद्र में एक स्थिर Government रहना बहुत जरूरी है और मुझे लगता है कि पीएम Narendra Modi एक स्थिर Government देने में सफल रहे हैं और देश को भी मजबूती दे पाएंगे.

सवाल: Prime Minister Narendra Modi की लोकप्रियता के मुकाबले राहुल गांधी में कहीं न कहीं घबराहट दिखती है?

जवाब: देखिए, मैं राहुल गांधी और पीएम Narendra Modi के बीच कोई तुलना नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि वह तुलना कहीं न कहीं गलत होगी. आप सीधे और सरल तरीके से राजनीति को देख लीजिए. 2014 से राहुल गांधी कांग्रेस का चेहरा हैं. उनके नेतृत्व में कुछ राज्यों को छोड़कर कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव हार रही है. इसलिए तुलना करना सही नहीं है. पीएम Narendra Modi एक लोकप्रिय नेता हैं और उनकी लोकप्रियता जनादेश से ही पता चलती है. राहुल गांधी वह जनादेश अपने और कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं ला पा रहे हैं. यह उनकी एक बड़ी असफलता है. इसलिए तुलना कैसे की जा सकती है.

सवाल: क्या आप 2029 में यह देखते हैं कि कांग्रेस न सिर्फ सत्ता में आएगी, बल्कि राहुल गांधी के लिए Prime Minister बनने का भी अवसर होगा?

जवाब: मैं Political अटकलें बिल्कुल नहीं लगाना चाहूंगी. 2024 के Lok Sabha चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीती. राहुल गांधी ने ‘India जोड़ो यात्रा’ की थी और उसका एक अच्छा परिणाम आया. दुर्भाग्य यह है कि राहुल गांधी कुछ कार्यक्रम करते हैं, मगर उसके बाद वह फिर गायब हो जाते हैं. ‘India जोड़ो यात्रा’ की पहली वर्षगांठ पर वह कहां थे? राजनीति 24 घंटे और 365 दिनों का काम है. आप आएं और दो दिन बाद फिर कहीं चले जाएं, कुछ रैलियां करें और लोगों से मिलें, फिर गायब हो जाएं, इस तरह से राजनीति नहीं होती है. आम चुनावों के अलावा भी राज्यों के चुनाव होते हैं. आप सिर्फ गठबंधन करके जीत नहीं सकते हैं.

कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करना बहुत जरूरी है. मैंने भी कांग्रेस में कुछ दिन काम किया है. मुझे लगता है कि कांग्रेस की सोच यही है कि गठबंधन करके पार्टी को बनाएं. लेकिन कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करना चाहिए और अपने बलबूते Government बनानी चाहिए. हालांकि, कांग्रेस आलाकमान में यह जोश दिखाई नहीं देता है. सिर्फ आप दूसरों की बदौलत जीतेंगे, यह मानसिकता मुझे ठीक नहीं लगती है. कांग्रेस को अपने दम पर मैदान में आना चाहिए और संगठन की अपनी रणनीति होनी चाहिए. दूसरे कंधों पर बंदूक रखकर चलाने वाली रणनीति सही नहीं है.

सवाल: सोनिया गांधी ने प्रणब मुखर्जी को Prime Minister बनने से रोका था. ऐसी काफी सारी चीजें सामने आईं. इसमें कितनी सच्चाई है?

जवाब: उस समय मैं राजनीति में सक्रिय नहीं थी. जब 2004 में यूपीए की Government बनी तो सोनिया गांधी उस स्थिति में थीं कि किसको Prime Minister बनाएं. उन्होंने मनमोहन सिंह को चुना था. यूपीए-1 और यूपीए-2 में मेरे पिता प्रणब मुखर्जी को बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं. सोनिया गांधी के साथ उनका एक अच्छा वर्किंग रिलेशनशिप रहा. उन्होंने प्रणब मुखर्जी को Prime Minister क्यों नहीं बनाया था, इसका जवाब सोनिया गांधी ही दे सकती हैं.

मनमोहन सिंह अच्छे Prime Minister थे. सोनिया गांधी के साथ भी उनका अच्छा रिश्ता रहा है. मेरे पिता प्रणब मुखर्जी के साथ मनमोहन सिंह का जबरदस्त संबंध था. उन्होंने एक टीम के रूप में काम किया. हालांकि, मनमोहन सिंह के मुकाबले मेरे पिता प्रणब मुखर्जी का Political अनुभव काफी अधिक था. मेरे पिता इंदिरा गांधी के बेहद करीब थे और उनकी Government में भी वे शामिल थे. आपातकाल के बाद जब Government बनी थी तो उस Government में मेरे पिता दूसरे नंबर पर थे. वह बहुत ही मजबूत और मुखर इंसान थे. वह पार्टी के अंदर अपनी बात को खुलकर सामने रखते थे. उसमें कोई बुरी बात भी नहीं है.

सवाल: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा में से आप किसे व्यक्तिगत तौर पर बेहतर मानती हैं?

जवाब: जब मैं कांग्रेस पार्टी में थी, तब मैं बहुत ही जूनियर थी. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से वार्ताओं का दौर बहुत ही सीमित रहा है. मैं कांग्रेस पार्टी के बारे में जितना भी बोल रही हैं, वो एक ऑब्जर्वर के तौर पर बोल रही हूं. हालांकि, मैं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच तुलना नहीं कर सकती हूं.

सवाल: आपने इतिहास की किताबों में जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल और योगदान की बात की है. उसके बारे में आप क्या कहेंगी?

जवाब : जिस तरह India की जमीन के अंदर लोकतंत्र की जड़ें फैली हैं, मेरा मानना है कि पंडित नेहरू को उसका श्रेय देना चाहिए. उन्होंने जिस तरह से उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण रहा और उन्होंने संस्थान स्थापित किए, तो उनके योगदान को India के इतिहास में कोई भी अस्वीकार नहीं कर सकता है.

सवाल: क्या Prime Minister Narendra Modi आजाद India के सबसे सर्वश्रेष्ठ राजनेताओं में जाने जाएंगे?

जवाब: हर Prime Minister देश की प्रगति में योगदान देता है. हर किसी की क्षमता अलग होती है, लेकिन हर Prime Minister और हर Government देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं. किसकी क्षमता क्या है और किसकी कमजोरी क्या है, वो इतिहास ही बता सकता है. Narendra Modi एक बहुत ही मजबूत Prime Minister हैं.

उन्होंने एक स्थिर Government दी है. उन्होंने ‘डिजिटल इंडिया’ बनाया है और भारतीय अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण किया है. आज हर घर या दूर गांव में जाएंगे तो वहां भी फोन के माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. इसी तरह उनकी अनेकों अच्छी पॉलिसी हैं. जिस तरह वैश्विक परिस्थितियों में वह देश में स्थिर Government चला रहे हैं, वह भी बहुत प्रशंसनीय है. हालांकि, उनकी कुछ नीतियों का विरोध भी होता है, जो लोकतंत्र का हिस्सा है.

डीसीएच/एएस

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