जामिया में आरएसएस के कार्यक्रम का विरोध करने वाले वामपंथी संगठनों का वर्चस्व हो रहा खत्मः सुरेंद्र गुप्ता

New Delhi, 28 अप्रैल . विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रदेश सचिव सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने जामिया में आरएसएस के कार्यक्रम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले संगठन की आलोचना की और कहा कि ऐसा विरोध प्रदर्शन अनावश्यक है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठनों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी गतिविधियां संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने से बातचीत करते हुए कहा, “वामपंथी संगठन राष्ट्रवादी विचारधारा का शुरू से विरोध करते रहे हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन विरोध के बीच सौ साल की यात्रा पूरी की है. राष्ट्रविरोधी लोगों को उनकी धरती पर ही आरएसएस ने पराजित किया है. वामपंथी छात्र संगठनों एसएफआई और आईसा की India में कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं है, इसलिए छोटे-मोटे प्रदर्शन करते रहते हैं. धीरे-धीरे वामपंथ संगठनों का वर्चस्व टूटता जा रहा है. मरता हुआ संगठन अपने आपको बचाने के लिए इस प्रकार का प्रदर्शन करता रहता है. इनके विरोध-प्रदर्शन का कोई असर नहीं होने वाला है.

वहीं, जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में आरएसएस से जुड़े ‘युवा कुंभ’ कार्यक्रम के आयोजन पर भाजपा नेता ईश्वर सिंह ठाकुर ने कहा, “राष्ट्र निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रवादियों को जोड़ने और राष्ट्रवादी सोच को युवाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसी के अनुरूप, जामिया विश्वविद्यालय में आयोजित युवा महोत्सव और युवा कुंभ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस कार्यक्रम का विरोध करने वाले लोगों की निंदा करते हैं.”

बता दें कि Tuesday को जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर युवा कुंभ का आयोजन किया जा रहा था. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कैंपस के भीतर इस कार्यक्रम की अनुमति दिए जाने के बाद छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. कैंपस में स्थिति बिगड़ते देख गेट और आसपास के मुख्य मार्गों पर Police ने बैरिकेडिंग कर दी. प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि कार्यक्रम की अनुमति तुरंत वापस ली जाए और स्पष्टीकरण भी मांगा है कि आखिर इस तरह के कार्यक्रम को विश्वविद्यालय में जगह क्यों दी गई.

ओपी/डीकेपी

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