
Patna, 19 जुलाई . Union Minister गिरिराज सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए संसद के आगामी मानसून सत्र में विपक्ष से सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील की.
Patna में Union Minister गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने से बातचीत में कहा कि पूरा देश और दुनिया जानती है कि राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति का प्रतीक हैं. उनका आरोप था कि राहुल गांधी मानते हैं कि नेहरू परिवार के बाहर किसी और को राजनीति करने का अधिकार नहीं है.
गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की सबसे बड़ी कमजोरी उनकी सोच है. राहुल गांधी यह मानते हैं कि Political सत्ता पर केवल नेहरू परिवार का अधिकार है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस बात से परेशानी है कि कभी चाय बेचने वाले Narendra Modi आज देश के Prime Minister हैं.
लोकतंत्र का उल्लेख करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि India में Prime Minister किसी राजघराने से नहीं, बल्कि जनता के बीच से चुनकर आते हैं. उन्होंने कहा कि यह राजशाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र है और Prime Minister जनता के प्रतिनिधि होते हैं. लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, संसद को सुचारू रूप से चलाना और जनता के हित में काम करना सभी Political दलों की साझा जिम्मेदारी है.
उधर, दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने बांकीपुर उपचुनाव को लेकर दावा किया कि भाजपा भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की असली चुनौती पिछली बार मिले लगभग 8,000 वोटों के आंकड़े से आगे बढ़ना और अपनी जमानत बचाना है.
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान को लेकर शाहनवाज़ हुसैन ने कांग्रेस पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे थे, तब राहुल गांधी यूरोप दौरे पर थे. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी चाहें तो अपना विदेश दौरा छोटा कर उनसे मिल सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अब राहुल गांधी इस मुद्दे पर सफाई देने की कोशिश कर रहे हैं.
आगामी मानसून सत्र को लेकर शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि यह देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण सत्र होगा, क्योंकि इसमें कई अहम विधेयकों पर चर्चा और उनके पारित होने की संभावना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष इस बार सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करने के बजाय राष्ट्रीय हित से जुड़े विधेयकों पर रचनात्मक सहयोग करेगा.
उन्होंने कहा कि संसद जितनी सुचारू रूप से चलेगी, विपक्ष को भी अपनी बात रखने और बहस में हिस्सा लेने के उतने ही अधिक अवसर मिलेंगे. उन्होंने बताया कि सर्वदलीय बैठक में सभी दलों, जिनमें नई बनी 20 सांसदों वाली पार्टी भी शामिल है, को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
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एसएके/एएस