
केदारनाथ, 27 अप्रैल . श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान प्रशासन की तत्परता से एक गंभीर रूप से बीमार श्रद्धालु का सफल रेस्क्यू किया गया. नेपाल के लक्ष्मण अधिकारी (20) यात्रा के दौरान बीमार हो गए, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केदारनाथ में प्राथमिक उपचार दिया गया.
स्थिति गंभीर होने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पीएचसी से केदारनाथ हेलीपैड तक सुरक्षित पहुंचाया. इसके बाद हेली सेवा के माध्यम से उन्हें जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग के लिए रेफर किया गया. रेस्क्यू के दौरान प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला. जिला प्रशासन ने बताया कि यात्रा के दौरान सभी टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड में कार्य कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने बताया कि मंदिर के द्वार 22 अप्रैल को खुलने के बाद से ही वह केदारनाथ में तैनात हैं और व्यवस्थाओं तथा तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं. मैंने पूरे India के लोगों में इस यात्रा और दर्शन के लिए अपार उत्साह देखा है. अब तक लगभग 1,60,000 श्रद्धालु केदारनाथ दर्शन कर चुके हैं. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दर्शन में स्वाभाविक रूप से समय लगता है. कड़ी निगरानी रखी जा रही है. हम लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और आगंतुकों को असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हेलीपैड के संचालन पर विशेष ध्यान दिया है.”
हरिद्वार के जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने कहा, “मंदिर के प्रवेश द्वार खुलने के साथ ही यात्रा को पूरी गति मिल गई है. 17 अप्रैल को ऋषिकुल में ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होने के बाद से 25,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है. ऑनलाइन पंजीकरण भी जारी है और सभी आगंतुकों की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया गया है.”
देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, Saturday की शाम 7 बजे तक बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के पूजनीय तीर्थस्थलों पर कुल 2,38,590 तीर्थयात्रियों ने प्रार्थना की. Saturday को ही 55,998 तीर्थयात्री चार धाम पहुंचे, जो वार्षिक यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.
–
ओपी/डीकेपी