टीईटी घोटाला फडणवीस के कार्यकाल में हुआ, सीएम गलत जानकारी दे रहे हैं: सुषमा अंधारे

पुणे, 24 जुलाई . शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस द्वारा टीईटी घोटाले को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि Chief Minister को तथ्यों की सही जानकारी नहीं है और उन्हें अपने बयान को दुरुस्त करने की जरूरत है. उन्होंने दावा किया कि टीईटी घोटाला ठाकरे Government के दौरान नहीं, बल्कि वर्ष 2018-19 में हुआ था, जब राज्य के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े थे.

समाचार एजेंसी से बातचीत में अंधारे ने कहा कि Chief Minister फडणवीस ने यह कहा कि सबसे बड़ा टीईटी घोटाला उद्धव ठाकरे के Chief Minister रहते हुआ था, जबकि वास्तविकता इससे अलग है. यह घोटाला 2018-19 के दौरान हुआ और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली Government ने सत्ता में आने के बाद पूरे मामले की जांच कर घोटाले का पर्दाफाश करने का प्रयास किया. उस समय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई थी. इस मामले में परीक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों से जुड़े कई लोगों की भूमिका सामने आई थी.

अंधारे ने दावा किया कि जीए शॉफ्टवेयर कंपनी को दिया गया ठेका तत्कालीन शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के कार्यकाल में दिया गया था. इस मामले में जेल जा चुके अभिषेक सावरीकर को बाद में भाजपा में शामिल किया गया. इसके अलावा, एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुशील खोडवेकर को Government में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई. Chief Minister पर हमला तेज करते हुए अंधारे ने कहा कि जिस आत्मविश्वास से Chief Minister मीडिया के सामने यह दावा कर रहे हैं, वह तथ्यों से मेल नहीं खाता. Government जनता के सामने गलत जानकारी पेश कर रही है.

सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर सुषमा अंधारे ने कहा कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनका अनशन खत्म करना अच्छी बात है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र अब भी इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते. अभिजीत दीपके समेत आंदोलनरत छात्रों के साथ उनकी पार्टी मजबूती से खड़ी है.

प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर भी अंधारे ने राज्य Government और Police प्रशासन को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में ऐसे कई लोग मौजूद थे जिनके पास Police की वर्दी, नेमप्लेट या निर्धारित पहचान नहीं थी, लेकिन वे छात्रों पर डंडों से हमला कर रहे थे. ये लोग Policeकर्मी नहीं थे और Government ने छात्रों पर कार्रवाई के लिए बाहरी लोगों का इस्तेमाल किया.

Prime Minister Narendra Modi द्वारा Thursday देर रात जारी वीडियो संदेश पर अंधारे ने कहा कि यदि Government को यही बात कहनी थी तो इसके लिए 24 दिन का इंतजार क्यों किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या Government को अब अपनी Political स्थिति को लेकर चिंता होने लगी है. केवल बयान देने से मामला खत्म नहीं होगा और उनकी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है.

भाजपा के इस आरोप पर कि प्रदर्शन में शामिल लोग छात्र नहीं बल्कि कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं, सुषमा अंधारे ने कहा कि यदि ऐसा है तो Government और गृह विभाग उनकी पहचान क्यों नहीं कर पा रहे हैं. यदि प्रदर्शनकारियों की पहचान नहीं हो रही है तो यह गृह विभाग और दिल्ली Police की विफलता को दर्शाता है. उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र Government और गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.

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पीएसके

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