कालेश्वरम घोटाले में सीबीआई जांच की मांग, दबाव बनाएगी तेलंगाना सरकार

हैदराबाद, 27 अप्रैल . तेलंगाना Government ने कालेश्वरम परियोजना के निर्माण में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच के लिए दबाव बनाने का फैसला किया है.

कानूनी विशेषज्ञों की सलाह पर अमल करते हुए प्रदेश के Chief Minister ए रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक पत्र लिखें, जिसमें इस परियोजना की तत्काल जांच शुरू करने का अनुरोध किया जाए.

Chief Minister कार्यालय के अनुसार, Chief Minister ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो, तो वे सीबीआई निदेशक से मिलने का समय मांगें, ताकि जांच एजेंसी के प्रमुख से मिलकर औपचारिक रूप से जांच के लिए एक ज्ञापन सौंपा जा सके.

कालेश्वरम प्रोजेक्ट पर हाल ही में आए हाई कोर्ट के फैसले को देखते हुए Chief Minister और सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की और स्थिति का जायजा लिया.

बैठक के दौरान Chief Minister रेवंत रेड्डी और मंत्री ने Supreme Court के जाने-माने वकील अभिषेक सिंघवी से सलाह-मशविरा किया और पूरे कालेश्वरम मामले में आगे बढ़ने और एक कार्ययोजना बनाने के लिए उनकी राय ली.

चूंकि कालेश्वरम मुद्दे से संबंधित कोई भी मामला किसी भी अदालत में लंबित नहीं था, इसलिए कानूनी विशेषज्ञ ने Chief Minister को सूचित किया कि सीबीआई को जांच करने से रोकने वाली कोई भी कानूनी बाधा नहीं होगी.

Supreme Court के वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट ने जस्टिस पीसी घोष आयोग के गठन और आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में Government की कोई गलती नहीं पाई. अदालत ने रिपोर्ट में आयोग के निष्कर्षों के विरुद्ध भी कोई टिप्पणी नहीं की.

राज्य मंत्रिमंडल ने 23 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में कालेश्वरम परियोजना की तत्काल और त्वरित जांच के लिए सीबीआई पर जोर देने का फैसला किया था. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा था कि राज्य Government द्वारा सीबीआई को जांच करने के लिए पत्र लिखे हुए नौ महीने बीत चुके हैं.

उत्तम कुमार रेड्डी ने फिर दोहराया कि हाई कोर्ट ने पूर्व Chief Minister के चंद्रशेखर राव (केसीआर) और पूर्व मंत्री टी हरीश राव को क्लीन चिट नहीं दी है. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि अनियमितताओं की जांच के लिए गठित पी​​सी घोष आयोग अवैध नहीं था. उन्होंने दावा किया कि हाई कोर्ट ने केसीआर और हरीश राव की मुख्य याचिका खारिज कर दी. उन्होंने आयोग को अवैध घोषित करने और उसकी रिपोर्ट रद्द करने के आदेश मांगे थे.

उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से हाई कोर्ट ने कहा कि केसीआर और हरीश राव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.

पीएसके

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