
हैदराबाद, 10 दिसंबर . तेलंगाना के Chief Minister ए रेवंत रेड्डी ने Wednesday को राज्य के स्टार्टअप सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपए का विशेष फंड बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह फंड नई कंपनियों को न केवल प्रोत्साहन देगा बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने लायक भी बनाएगा.
Chief Minister रेवंत रेड्डी हैदराबाद स्थित India के सबसे बड़े स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, टी-हब में ‘गूगल फॉर स्टार्टअप हब’ के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे.
उन्होंने स्टार्टअप्स से अपील की कि वे इस फंड का उपयोग अपनी नई सोच और इनोवेशन को अगले स्तर तक ले जाने के लिए करें और ‘अगला गूगल’ बनने का लक्ष्य रखें.
सीएम ने कहा कि Government राज्य में एक मजबूत और भरोसेमंद स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाना चाहती है, जहां उत्पाद-आधारित, इनोवेशन-ड्रिवन और आईपी-इंटेंसिव स्टार्टअप्स को विशेष बढ़ावा दिया जाए. तेलंगाना Government और गूगल मिलकर स्टार्टअप्स के लिए एक ऐसा सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रहे हैं, जो उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ सके.
उन्होंने कहा कि 1998 में कैलिफोर्निया के एक गैराज से दो छात्रों द्वारा शुरू हुई यह कंपनी आज विश्व की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में है. दुनिया में कई स्टार्टअप्स शुरू होने के 20 साल के भीतर ही अरबों डॉलर की कंपनियां बन चुकी हैं, जैसे गूगल, एप्पल, अमेजन, टेस्ला और फेसबुक.
सीएम रेवंत रेड्डी ने बताया कि बीते 25 वर्षों में हैदराबाद में सॉफ्टवेयर सेवाओं, फार्मा और लाइफ साइंसेज के क्षेत्रों में कई स्टार्टअप्स बड़े उद्योगों में बदल चुके हैं. हम चाहते हैं कि हैदराबाद सिर्फ एक स्टार्टअप हब नहीं बने बल्कि यहां से यूनिकॉर्न कंपनियां भी निकलें. हमारी उम्मीद है कि कम से कम 100 स्टार्टअप्स यूनिकॉर्न स्तर तक पहुंचें.
तेलंगाना को 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के स्टार्टअप्स को 1 बिलियन डॉलर मूल्य की कंपनियों में बदलने पर ध्यान देना होगा. 2034 तक कम से कम 10 सुपर यूनिकॉर्न तैयार होने चाहिए.
स्टार्टअप्स की तुलना फुटबॉल से करते हुए Chief Minister ने कहा, “मैं फुटबॉल खेलता हूं. इस खेल में मेहनत, अभ्यास और टीमवर्क जरूरी है, लेकिन अंत में जीत ही मायने रखती है. स्टार्टअप्स के साथ भी यही बात लागू होती है.”
आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशंस मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि नया हब राज्य के इनोवेशन इकोसिस्टम को ज्यादा मजबूत करेगा. उनके अनुसार, यह हब स्टार्टअप्स को न केवल टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट बनाने में मदद करेगा बल्कि उनकी नवाचार क्षमता को भी बढ़ाएगा.
गूगल ने बताया कि यह हब तेलंगाना के क्षेत्रीय स्टार्टअप्स को जोड़ने के लिए काम करेगा. चयनित एआई-फर्स्ट स्टार्टअप्स को एक वर्ष तक मुफ्त को-वर्किंग स्पेस, मेंटरिंग, निवेशकों से संपर्क और वैश्विक बाजारों से सीधा जुड़ाव मिलेगा.
ग्लोबल गूगल फॉर स्टार्टअप नेटवर्क का हिस्सा होने के कारण यह हब स्टार्टअप्स को इनक्यूबेशन से इनोवेशन तक की यात्रा में हर स्तर पर समर्थन देगा, चाहे वह फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हो, एआई विशेषज्ञता हो या अंतरराष्ट्रीय दृश्यता.
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वीकेयू/एबीएम