टाटा ग्रुप ने रतन टाटा की 88वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि, देश के लिए उनके योगदान को किया याद

New Delhi, 28 दिसंबर . टाटा ग्रुप ने Sunday को अपने पूर्व चेयरमैन रतन टाटा की 88वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर भारतीय उद्योग, समाज सेवा और देश के लिए उनके योगदान को याद किया गया.

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने लिंक्डइन पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा, ”जन्मदिन की शुभकामनाएं, मिस्टर टाटा. आप हमें बहुत याद आते हैं. आज भी और हमेशा.”

उन्होंने जुलाई 2024 में हुए एक पुरस्कार समारोह की अपनी और रतन टाटा की एक साथ ली गई तस्वीर भी पोस्ट की. टाटा ग्रुप ने भी social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया और कहा कि वे रतन टाटा की जयंती पर उन्हें याद कर रहे हैं.

रतन टाटा ने 1991 से 2012 तक टाटा ग्रुप का नेतृत्व किया. इसके बाद 2016-17 में उन्होंने कुछ समय के लिए अंतरिम चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं.

उन्हें टाटा ग्रुप को एक सौ साल पुरानी भारतीय कंपनी से एक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय दिया जाता है. उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने जगुआर लैंड रोवर, कोरस और टेटली जैसी बड़ी विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण किया, जिससे दुनिया भर में टाटा की मौजूदगी बढ़ी.

व्यापार के साथ-साथ रतन टाटा अपने ईमानदार सिद्धांतों, देश निर्माण और समाज सेवा के लिए भी जाने जाते थे. टाटा ट्रस्ट्स के जरिए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और वैज्ञानिक शोध को मजबूत सहयोग दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान टाटा संस से मिलने वाला बड़ा हिस्सा समाज सेवा के कामों में लगाया जाता रहा, जो ग्रुप की सामाजिक जिम्मेदारी को दिखाता है.

सक्रिय रूप से मैनेजमेंट से हटने के बाद भी रतन टाटा India के स्टार्टअप जगत से जुड़े रहे. उन्होंने कई नए स्टार्टअप्स में निवेश किया और उनका मार्गदर्शन किया, जिससे नई कंपनियों को शुरुआती दौर में भरोसा और सहयोग मिला.

देशभर से उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें कई Political नेता भी शामिल रहे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रतन टाटा ने ईमानदारी और करुणा के साथ भारतीय उद्योग को नई दिशा दी और उनका जीवन सिखाता है कि सच्ची सफलता देश की सेवा में है.

आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें दूरदर्शी उद्योगपति और दयालु नेता बताया. उन्होंने कहा कि रतन टाटा की सादगी और मूल्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे.

Union Minister पीयूष गोयल ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रतन टाटा ने नवाचार को करुणा से जोड़ा और देश के विकास में भारतीय कंपनियों की भूमिका को फिर से परिभाषित करने में मदद की.

डीबीपी/एबीएम

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