
कन्याकुमारी, 20 अप्रैल . कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने Monday को एआईएडीएमके नेतृत्व पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी ने भ्रष्टाचार के कारण भाजपा के सामने ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया है और अब तमिलनाडु में राष्ट्रीय पार्टी के विस्तार के लिए एक माध्यम के रूप में काम कर रही है.
23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कन्याकुमारी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, Lok Sabha में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके अब स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही है. इसके बजाय, यह राज्य में भाजपा के Political एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद कर रही है.
Lok Sabha सांसद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वैचारिक प्रभाव पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह संगठन अप्रत्यक्ष तरीकों से तमिलनाडु पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहा है.
संघवाद के महत्व पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि India के प्रत्येक राज्य को अपनी विशिष्ट आवाज और स्वायत्तता बनाए रखनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के लोगों को स्वयं शासन करना चाहिए. लेकिन भाजपा एक समान पहचान थोपने में विश्वास रखती है – एक परंपरा, एक भाषा और एक इतिहास. उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ दल पर India की विविधता को कमजोर करने का आरोप लगाया.
उन्होंने आगे तर्क दिया कि विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय आत्मनिर्णय के सिद्धांतों के अनुरूप तमिलनाडु का शासन वहां की जनता के हाथों में ही रहना चाहिए. गांधी के अनुसार, सत्ता को केंद्रीकृत करने का कोई भी प्रयास देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को कमजोर करेगा.
डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के रुख को दोहराते हुए गांधी ने कहा कि गठबंधन तमिलनाडु की भाषाई, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने मतदाताओं से गठबंधन का समर्थन करने का आग्रह किया ताकि केंद्र Government के बढ़ते हस्तक्षेप के बीच राज्य के अधिकारों की रक्षा की जा सके और इसकी अनूठी विरासत को संरक्षित किया जा सके.
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब तमिलनाडु भर में चुनाव प्रचार तेज हो गया है और प्रमुख Political दल मतदान से पहले अंतिम दिनों में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हमले तेज कर रहे हैं.
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एमएस/