
चेन्नई, 3 जून . तमिलनाडु के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत प्रसिद्ध मृदा जीवविज्ञानी और पारिस्थितिकीविद् डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल को स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद राज्य पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है.
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब संकेत मिल रहे हैं कि टीवीके Government भविष्य में पाठ्यक्रम में बदलाव और संशोधन की निगरानी के लिए एक नई समिति गठित करने की तैयारी कर रही है.
डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल (जिन्हें पिछली डीएमके Government ने स्कूली पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए गठित समिति का अध्यक्ष बनाया था) ने कहा कि उन्हें आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है कि अब उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि Government नई समिति का गठन करने वाली है.
यह घटनाक्रम डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल और पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी की डीएमके अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister एम.के. स्टालिन से हुई मुलाकात के कुछ ही सप्ताह बाद सामने आया है. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने समिति की देखरेख में तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकें स्टालिन को भेंट की थीं.
social media पर अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल ने पिछली Government और पाठ्यक्रम संशोधन कार्य से जुड़े अधिकारियों का आभार जताया. उन्होंने कहा, “मैं पूर्व Chief Minister एम.के. स्टालिन, पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी और इस परियोजना से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारियों का दिल से धन्यवाद करता हूं. उनके सहयोग से पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के लिए टर्म-1 की उत्कृष्ट पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा सकीं.”
उन्होंने आगे बताया कि नई Government की ओर से उन्हें आधिकारिक रूप से सूचना दी गई है कि उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “मुझे तमिलनाडु Government की ओर से एक आधिकारिक फोन कॉल आया, जिसमें बताया गया कि नई समिति का गठन किया जा रहा है, इसलिए मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जा रहा है. मैं नई टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह उसी प्रगतिशील सोच को आगे बढ़ाएगी, जिसकी शुरुआत हमने की थी.”
वरिष्ठ अधिकारियों ने नई समिति के गठन की खबरों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया. उन्होंने यह बताने से भी इनकार कर दिया कि क्या मौजूदा समिति के सदस्य नए अध्यक्ष के नेतृत्व में अपना काम जारी रखेंगे या नहीं.
पिछली Government द्वारा शुरू किए गए बड़े शैक्षिक सुधारों के तहत पाठ्यक्रम समिति ने स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री में बदलाव करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
समिति द्वारा तैयार की गई पाठ्यपुस्तकें पहले ही स्कूलों में लागू की जा चुकी हैं. हाल ही में स्कूली शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कक्षा 1 से 3 तक के छात्रों के लिए नई किताबें जारी की हैं.
नई पाठ्यक्रम समिति के गठन पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर राज्य की भविष्य की शैक्षिक सामग्री और शिक्षा से जुड़ी नीतियों पर पड़ सकता है.
–
एसएचके/वीसी