केंद्र सरकार के प्रभाव में है तमिलनाडु सरकार, जनता को दे रहे धोखा : डीएमके

चेन्नई, 20 अगस्त . डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने Thursday को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने छात्रों के विरोध पर रोक और विधायकों को कारें देने समेत कई मुद्दों पर सीएम विजय पर हमला बोला. साथ ही, ‘वंदे मातरम’ विवाद पर कांग्रेस के रुख का समर्थन भी किया.

तमिलनाडु Government द्वारा छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने पर लगाई गई रोक को वापस लेने के फैसले पर एलंगोवन ने कहा, “शायद दिल्ली ने उन्हें निर्देश दिया होगा कि वह आदेश जारी करें कि छात्र किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल न हों लेकिन लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है. वह केंद्र Government के गुलाम हैं. हो सकता है दिल्ली ने उन्हें इसकी अनुमति न देने का निर्देश दिया हो क्योंकि उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को दिल्ली में लड़ने की अनुमति नहीं दी थी. वे तमिलनाडु में भी वही करना चाहते हैं.”

तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय की घोषणा कि राज्य के सभी विधायकों को Government द्वारा कारें दी जाएंगी को लेकर एलंगोवन ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि पैसा कहां से आता है. वे विधायकों को कारें दे रहे हैं, वे विधायकों को कारों पर खर्च के लिए 1 लाख रुपये दे रहे हैं. अब वे उन सभी चीजों को बढ़ा रहे हैं लेकिन वे कहते हैं कि डीएमके Government विफल रही थी. उन्होंने इतना कर्ज लिया और खजाना खाली छोड़ दिया लेकिन वे ये सब चीजें कर रहे हैं. तो वे जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें अंतर है. वे तमिलनाडु की जनता को धोखा दे रहे हैं.”

कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना के लिए नौ लाख पेड़ काटने की योजना पर उन्होंने कहा, “यह ट्रिब्यूनल को तय करना है. हमने ट्रिब्यूनल का रुख किया है. Supreme Court ने ट्रिब्यूनल को निर्देश दिया है और उन्हें पानी छोड़ना होगा. मेकेदातु के लिए भी उन्हें अनुमति लेनी चाहिए. तमिलनाडु Government की सहमति के बिना वे निर्माण नहीं कर सकते. देखते हैं, क्या होता है.”

तमिलनाडु में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर उन्होंने कहा, “यह एक सामान्य प्रक्रिया है. देखते हैं सम्मेलन के बाद क्या होता है. अगर तमिलनाडु के लिए कुछ अच्छा किया जाता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं.” केंद्र Government की ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ कार्यक्रम शुरू करने की योजना पर डीएमके प्रवक्ता ने चिंता जताई. उन्होंने कहा, “वे कुछ ऐसा करने की योजना बना रहे हैं जो युवाओं के लिए खतरनाक है.”

‘वंदे मातरम’ के दो पद गाने के फैसले पर कांग्रेस के अडिग रहने के सवाल पर एलंगोवन ने कहा, “आजादी के समय यह तय हुआ था कि आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले और India को आजाद देश बनाने वाले कांग्रेस के लोग सिर्फ दो पद ही गाएंगे. हालांकि भाजपा के लोग इस पर आरोप लगा रहे हैं. जिन लोगों ने अंग्रेजों का साथ दिया, जो चाहते थे कि ब्रिटिश शासन बना रहे- यानी आरएसएस और दूसरे समूह, वे अब ‘वंदे मातरम’ की बात कर रहे हैं.”

एनसीईआरटी की नई पॉलिटिकल साइंस की टेक्स्ट बुक के पैनल में आरएसएस से जुड़े सदस्यों के शामिल होने की खबरों पर भी एलंगोवन ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, “आरएसएस और भाजपा के लोग सब कुछ बदलना चाहते हैं. वे कुछ भी वैज्ञानिक नहीं चाहते. वे चाहते हैं कि बच्चों को अवैज्ञानिक चीजें पढ़ाई जाएं.”

पीआईएम/पीएम

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