
चेन्नई, 18 अगस्त . तमिलनाडु Government कर्नाटक सीमा के पास वन विभाग के जवानों की गोलीबारी में मारे गए तीन तमिल मूल के लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है. राज्य के वन मंत्री आर.वी. रंजीतकुमार ने Tuesday को विधानसभा में यह जानकारी दी.
विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि Chief Minister सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने के संबंध में वन विभाग में विचार-विमर्श चल रहा है.
एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व Chief Minister एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने घटना के पीछे बड़ी साजिश की आशंका जताई. उन्होंने कर्नाटक के इस दावे पर सवाल उठाया कि मृतक हिरणों का शिकार कर रहे थे. पलानीस्वामी ने कहा कि मृतकों के परिवारों का कहना है कि वे मवेशियों की तलाश में जंगल में गए थे. उन्होंने कहा कि घटना अंतरराज्यीय सीमा के पास हुई है, इसलिए सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है.
पलानीस्वामी ने कर्नाटक Government की ओर से घोषित पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए तमिलनाडु Government से अतिरिक्त राहत देने की मांग की.
डीएमके विधायक मनोज पांडियन ने गोलीबारी को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए इसे ‘फर्जी मुठभेड़’ तक करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या Supreme Court के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया और क्या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को घटना की जानकारी दी गई थी. उन्होंने वन विभाग के संबंधित कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, न्यायिक जांच कराने, पर्याप्त मुआवजा देने और प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को Governmentी नौकरी देने की मांग की.
कांग्रेस विधायक दल की नेता थाराहाई कथबर्ट ने भी सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया. उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए अधिक मुआवजा, Governmentी नौकरी और घायलों के लिए पूर्ण चिकित्सा सहायता की मांग की.
भाजपा विधायक एम. भोजराजन ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए Political दलों से मतभेद भुलाकर संयुक्त विरोध प्रदर्शन करने और दोष पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने भी कर्नाटक Government की ओर से घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताया.
कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार ने मृतकों की पहचान पी. एंथनीसामी, जॉन रोज पीटर और कुमार के रूप में की. उन्होंने बताया कि मारियादॉस और बेंजामिन गोलीबारी में घायल हुए हैं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. मृतकों और घायलों के परिवार करीब 75 साल पहले कर्नाटक में आकर बस गए थे.
निर्मलकुमार ने बताया कि गोलीबारी के बाद करीब 300 लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद कर्नाटक Government ने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की.
कर्नाटक Government ने यह पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं कि सबसे पहले गोली किसने चलाई और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था. Police ने वन विभाग के कर्मियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है.
मंत्री ने कहा कि Chief Minister विजय ने कर्नाटक की ओर से दी गई घटना की व्याख्या को खारिज कर दिया है और निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
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डीएससी