पश्चिम बंगाल में गैर-नागरिक मतदाताओं को शामिल करने का प्रयास: सुवेंदु अधिकारी

बागडोगरा, 29 नवंबर . पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने फिर से ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी भी गैर-नागरिक मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने का प्रयास हो रहा है.

बागडोगरा एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का रोल और तेज होना चाहिए था. स्टेट मशीनरी सीधा-सीधा गलत कामों से जुड़ी हुई है, इसकी वजह से यहां अभी भी गैर-नागरिक वोटर्स को वोटर लिस्ट में शामिल करने का प्रयास हो रहा है. चीफ सेक्रेटरी मनोज पंथ, डीओ, ईआरओ और एईआरओ को बुलाकर कथित तौर पर निर्देश दे रहे हैं कि मरे हुए, डुप्लीकेट, नकली और गैर-नागरिक वोटर्स को वोटर लिस्ट में शामिल किया जाए.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 हजार मुस्लिम बूथ हैं और 8 हजार मिले-जुले बूथ हैं. वहां पर मुस्लिम ज्यादा हैं. इसमें भाजपा के ज्यादा मतदाता नहीं हैं और बाकी बचे हुए बूथों पर हमारे कार्यकर्ता हैं, इसकी वजह से इन भाजपा कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है. हम लोगों का यही प्रयास है कि फर्जी लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं रहने चाहिए.

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मरे हुए, डुप्लीकेट दस्तावेज के लोग, नकली और गैर-नागरिक वोटर्स जो भी हैं, उनको बंगाल से बाहर जाना चाहिए और जो हिंदू भाई बाहर से आए हैं, वे सीएए के तहत आवेदन करके India की नागरिकता ले सकते हैं. जब वे नागरिक बन जाएंगे तो उनका नाम मतदाता सूची में आ जाएगा.

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची आने के बाद उन लोगों का नाम नहीं आने वाला है जो यहां आकर किसी के कहने पर बस गए हैं. हमारी मांग है कि साफ-सुथरी मतदाता सूची आने के बाद ही चुनाव हो, जिससे फर्जी मतदान न हो पाए.

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि Chief Minister ममता बनर्जी बांग्लादेशी नागरिकों के मतदान से ही अपनी Government बनाती है, अब जब उनका नाम नियम के तहत हटाया जा रहा है तो उनको डर है कि बंगाल में उनकी वापसी नहीं हो पाएंगी, इसीलिए वह शोर मचा रही है. इस बार पश्चिम बंगाल से ममता Government जाने वाली है.

एसएके/डीएससी

Leave a Comment