Supreme Court का निर्देश- वाहन, सारथी, ई-डीएआर और बीमा डेटाबेस चार हफ्ते में करें लिंक, मोटर दुर्घटना क्लेम होगा आसान

New Delhi, 9 अक्टूबर . Supreme Court ने केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे चार हफ्ते के अंदर मुख्य Governmentी और बीमा डेटाबेस को आपस में जोड़ें, जिनमें वाहन, सारथी, इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) पोर्टल और इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (आईआईबी) शामिल हैं.

इसका मकसद मोटर दुर्घटना क्लेम प्रोसेस को आसान बनाना और दुर्घटना से जुड़ी जानकारी को आसानी से साझा करना है.

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि दुर्घटना से जुड़ा डेटा नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) द्वारा चलाए जा रहे ई-डीएआर पोर्टल पर बिना किसी देरी के अपलोड किया जाए. कोर्ट ने गौर किया कि पोर्टल के चालू होने के बावजूद बहुत कम राज्यों ने ही डेटा अपलोड करना शुरू किया है.

Supreme Court ने आदेश दिया कि ई-डीएआर को आईआईबी से जोड़ा जाए, जो इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) के तहत काम करता है. साथ ही, कोर्ट ने वाहन, सारथी,ई-डीएआर और आईआईबी डेटाबेस को आपस में जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटना की रिपोर्ट, गाड़ी और बीमा कंपनी के रिकॉर्ड और पहले के क्लेम के इतिहास को आसानी से क्रॉस-चेक किया जा सके.

इस इंटीग्रेशन को हिट-एंड-रन मामलों और पीएम-राहत स्कीम तक भी बढ़ाया जाएगा, जिससे दुर्घटना की जानकारी तुरंत सीधे बीमा कंपनियों को भेजी जा सकेगी.

Supreme Court ने केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया कि वे ‘आज से चार हफ्ते के अंदर’ यह इंटीग्रेशन पूरा करें और अपने पिछले आदेशों में मांगी गई जानकारी के साथ अनुपालन रिपोर्ट हलफनामे के जरिए जमा करें.

यह निर्देश तब आया जब Supreme Court ने कई इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा उसके पहले के आदेशों के पालन की समीक्षा की. इन आदेशों में कंपनियों के सीनियर अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और कार्यवाही में शामिल न हो पाने का कारण बताने के लिए कहा गया था.

जस्टिस अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली बेंच ने कार्यवाही के दौरान पेश होने और हलफनामा जमा करने के निर्देशों का पालन न करने वाली कई इंश्योरेंस कंपनियों के प्रति सख्त रुख अपनाया और कुछ इंश्योरेंस कंपनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव्स को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया.

Supreme Court ने नवी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर वैभव गोयल की माफी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह “सिर्फ दिखावे के लिए थी, दिल से नहीं मांगी गई थी.”

कोर्ट ने यह भी कहा कि Supreme Court के नोटिस पर कार्रवाई न करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया. कोर्ट ने गोयल को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया और उन्हें एक पर्सनल हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि उनके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.

Supreme Court ने उन राज्यों को एक और आखिरी मौका दिया है जिन्होंने कोर्ट के पहले के आदेशों के मुताबिक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीमें (एसआईटी) नहीं बनाई थीं; उन्हें चार हफ्ते के अंदर ऐसा करने को कहा गया है. इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को दोपहर 2 बजे होगी.

–

एएसएच/डीकेपी

Leave a Comment