पीएम मोदी की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना का छात्रों ने किया स्वागत, बताया गेमचेंजर

वडोदरा, 15 अगस्त . 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा के बाद देशभर के छात्रों ने फैसले को सराहा है.

वडोदरा निवासी शालव मजूमदार (एडवोकेट और छात्र) ने पीएम मोदी के भाषण पर कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला है. Prime Minister मोदी ने फ्री ऑनलाइन कोचिंग को लेकर जो आह्वान किया है, उससे खासकर उन क्षेत्रों के बच्चों को फायदा होगा, जहां कोचिंग की सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं.

से बातचीत में उन्होंने कहा कि कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक तंगी के कारण कोचिंग नहीं कर पाते. ऐसे बच्चों को फ्री ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलने से आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा. पीएम मोदी ने इस दिशा में सही कदम उठाया है.

शालव मजूमदार ने कहा कि आने वाले वर्षों में इस योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे. इससे देश के अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं को आगे बढ़ने और विभिन्न सेक्टरों में बेहतर योगदान देने का मौका मिलेगा. फ्री कोचिंग को लेकर Prime Minister मोदी का यह फैसला सराहनीय और सही कदम है.

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हम देखेंगे कि जब युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होंगे तो उनकी सफलता में फ्री कोचिंग वाली योजना एक मील का पत्थर के तौर पर सामने होगी. इस योजना से उन अभिभावकों को भी राहत होगी जो अपने बच्चों को कोचिंग संस्थान तो भेजना चाहते हैं, लेकिन पैसे की तंगी के कारण नहीं भेज पाते.

वडोदरा के अलावा देशभर के छात्रों ने पीएम मोदी के फैसले की सराहना की है. उनका मानना है कि वर्तमान में बेहतर शिक्षा पाना एक चुनौती है और फ्री कोचिंग से काफी हद तक शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

लालकिले से पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “कोचिंग क्लासेस की स्‍पर्धा हमारे मध्‍यम वर्गीय परिवारों के सामने एक बहुत बड़ा बोझ बन चुका है. हर मां-बाप को लग रहा है कि कोचिंग क्‍लास में बच्‍चे को नहीं भेजा, तो हम प्रतिष्‍ठित परिवार नहीं हैं. इन गरीब और मिडिल क्‍लास परिवारों की हम चिंता करते हुए हजारों-करोड़ रुपए का उनका खर्च है, वो भी बचे, बेटे भी अपने आसपास रह सके, उनकी देखभाल हो सके, परिवार पर आर्थिक बोझ न आए और इसलिए हमने युवाओं के लिए हमने विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग करने का निर्णय किया है.”

उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा, ताकि हर प्रतिभा को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले.

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डीकेएम/वीसी

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