
New Delhi, 22 जुलाई . नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे प्रदर्शन और सियासी घमासान के बीच Union Minister जेपी नड्डा ने Wednesday को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि छात्रों के प्रदर्शन का Politicalरण नहीं करना चाहिए. इसका Political लाभ लेना उचित नहीं है. छात्रों की समस्या पर गहनता से चर्चा की जरूरत है.
भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शाम 4 बजे राहुल गांधी ने संसद में प्रस्तुतीकरण दिया. इस दौरान उन्होंने 150 पेपर लीक की बात कही. यह जांच का विषय है और Government जिम्मेदार है. इसके लिए सभी बातों का जवाब Government देगी. जम्मू-कश्मीर, Himachal Pradesh, Jharkhand, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और कर्नाटक में पेपर लीक हुए. यहां कांग्रेस और विपक्षी दलों के समर्थन वाली Governmentें हैं. ये तो कुछ ही मामले हैं.
उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि आप चयनात्मक क्यों हैं? आपने ‘इंडिया अलायंस’ की Governmentों के बारे में चर्चा क्यों नहीं की? आपने उन्हें अलग क्यों रखा? इसी से साफ पता चलता है कि आपका उद्देश्य छात्रों का हित, शिक्षा में सुधार और छात्रों को न्याय दिलाना नहीं है. आप छात्रों के मुद्दों पर Political रोटियां सेंकना चाहते हैं.
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है. यह गंभीर मामला है. मैंने कुछ जगहों के नाम गिनाए, जहां पेपर लीक हुआ और वहां विपक्षी दलों की Government है. हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए और चर्चा के लिए सबसे अच्छी जगह संसद है. सदन में इस पर चर्चा हो, गहनता से चर्चा हो और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर भी चर्चा हो.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मामला Government के सामने आने के बाद हमने क्या किया, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए. इसके साथ ही अन्य Governmentों को भी इस मामले को कैसे देखना चाहिए और किन बिंदुओं पर चर्चा करके समाधान निकालना जरूरी है, जिससे छात्रों के साथ अन्याय न हो, इस पर भी विचार होना चाहिए. Government इस मामले को लेकर गंभीर है और इसे गंभीरता से लिया है.
जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष समय तय करे, हम चर्चा के लिए तैयार हैं. आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि समाधान पर चर्चा होनी चाहिए. चर्चा के बाद हमें ठोस नीति लेकर आना चाहिए. बच्चे देश का भविष्य हैं. देश के भविष्य की चिंता करना हमारी और विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. हम चाहते हैं कि मिलकर इसका कोई स्थायी समाधान निकाला जाए.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में यह एक जिम्मेदार Government है, जो हमेशा सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार रहती है.
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एएमटी/एबीएम