भोपाल दौरे पर अमित शाह, डेयरी अर्थव्यवस्था और किसान कल्याण पर रहेगा फोकस

Bhopal , 2 अक्टूबर . केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह का Bhopal दौरा Madhya Pradesh की डेयरी और पशुपालन अर्थव्यवस्था पर फोकस करेगा. इस दौरे के दौरान होने वाले राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से ज्यादा पशुपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों के शामिल होने की उम्मीद है.

अमित शाह 2 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे Bhopal पहुंचेंगे और रात में वहीं रुकेंगे. 3 अक्टूबर को वे किसानों, पशुपालकों, सहकारिता, नए आपराधिक कानूनों, उच्च शिक्षा और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.

3 अक्टूबर को होने वाला गोपालक सम्मेलन उनके दौरे का मुख्य कार्यक्रम होगा. इसमें Bhopal के साथ-साथ सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम जैसे जिलों से पशुपालकों के आने की उम्मीद है.

यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब Madhya Pradesh Government किसान और पशुपालन से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने और कृषि व डेयरी क्षेत्र में सहकारी नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

इस दौरान अमित शाह Bhopal और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस बांटेंगे और गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी देंगे. कार्यक्रम में गोपालक दीदियों को सम्मानित किया जाएगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति पत्र भी बांटे जाएंगे.

Union Minister को राज्य के किसान कल्याण वर्ष और बलराम कृषि उत्सव के दौरान की गई पहलों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी. Government के बयान के अनुसार, गृह, पशुपालन और डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभागों द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा.

Chief Minister मोहन यादव ने Monday को अमित शाह के दौरे की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, साफ-सफाई, सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए.

इस दौरे में सहकारी संस्थाओं और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को कृषि और ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में बढ़ावा देने पर जोर रहने की उम्मीद है.

डेयरी सेक्टर को इस दौरे के दौरान और मजबूती मिलने की संभावना है. उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और Bhopal में फॉर्मूलेटेड और फर्मेंटेड दूध उत्पादों के लिए सुविधा जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं.

Bhopal दुग्ध संघ परिसर में 16.80 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह सुविधा दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए है. किसानों पर केंद्रित यह कार्यक्रम राज्य में किसान आईडी सिस्टम के विस्तार की पृष्ठभूमि में भी हो रहा है.

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वीकेयू/एएस

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