ओडिशा: पाठ्यपुस्तकों में गलतियों पर सख्त कार्रवाई, मुख्यमंत्री ने आपराधिक जांच के दिए आदेश

भुवनेश्वर, 11 जुलाई . Odisha Government ने कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में सामने आई गंभीर त्रुटियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. Chief Minister मोहन चरण माझी ने पूरे मामले की आपराधिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं. Government का कहना है कि यह जांच उन सभी परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कराई जाएगी, जिनकी लापरवाही या भूमिका के कारण छात्रों तक गलतियों वाली पुस्तकें पहुंचीं.

Chief Minister ने स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के निदेशक को निर्देश दिया है कि वे मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए क्राइम ब्रांच के Police अधीक्षक (एसपी) के समक्ष प्रथम सूचना रिपोर्ट (First Information Report ) दर्ज कराएं. इसके बाद क्राइम ब्रांच पूरे मामले की आपराधिक जांच शुरू करेगी.

राज्य Government के अनुसार, स्कूली शिक्षा से जुड़े इस मामले को अत्यंत गंभीर माना गया है, क्योंकि पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ सकता है. Government का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

इससे पहले Chief Minister मोहन चरण माझी ने मामले की प्रारंभिक जांच के लिए विकास आयुक्त (डेवलपमेंट कमिश्नर) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था. समिति को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी कि पाठ्यपुस्तकों की तैयारी, संपादन, प्रूफरीडिंग और प्रकाशन की प्रक्रिया में कहां-कहां लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद Government ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एससीईआरटी के पूर्व निदेशक और तीन सहायक निदेशकों (असिस्टेंट डायरेक्टर) को निलंबित कर दिया. इसके अलावा, छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ भी कथित भूमिका के आधार पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं.

अब Government ने मामले को केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए आपराधिक जांच कराने का निर्णय लिया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान दस्तावेजों, निर्णय प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका का विस्तार से परीक्षण किया जाएगा. यदि किसी स्तर पर जानबूझकर लापरवाही, कर्तव्य में गंभीर लापरवाही या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Odisha Government ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.

एससीएच/डीकेपी

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