
चेन्नई, 17 अप्रैल . तमिलनाडु के Chief Minister एमके स्टालिन ने Friday को ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत विपक्षी दलों की एकता की सराहना की और केंद्र के प्रस्तावित परिसीमन विधेयक का सामूहिक रूप से विरोध करने के लिए नेताओं का आभार व्यक्त किया.
social media पर एक पोस्ट में स्टालिन ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया. उन्होंने संसद में उस मुद्दे को उठाया, जिसे स्टालिन ने भाजपा द्वारा बिना पर्याप्त परामर्श या आम सहमति के कानून को जल्दबाजी में पारित कराने का प्रयास बताया.
स्टालिन ने सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केरल के Chief Minister पिनाराई विजयन, सीपीआई नेता डी राजा, तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के Chief Minister सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी, Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी नेता शरद पवार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला, आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे, Odisha के पूर्व Chief Minister नवीन Patnaयक सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के समर्थन को भी स्वीकार किया.
स्टालिन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का इस्तेमाल देश को उत्तर-दक्षिण आधार पर बांटने और India के Political संतुलन को बदलने के लिए एक Political हथियार के तौर पर किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के एकजुट रुख ने ऐसे प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है.
स्टालिन ने कहा, “उन्होंने हमें कमजोर करने और हराने के लिए हमें उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश की. लेकिन इंडिया एकजुट होकर खड़ा रहा और उनकी साज़िश को नाकाम कर दिया.”
विपक्षी दलों के बीच निरंतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने मौजूदा समय को एक बड़ी Political लड़ाई की महज शुरुआत बताया. उन्होंने आने वाले दिनों में भाजपा की नीतियों का मुकाबला करने के लिए और अधिक मजबूत तथा निर्णायक प्रतिक्रिया का आह्वान किया.
यह बयान परिसीमन को लेकर तेज होती Political बहस के बीच आया है, जिसमें दक्षिण के कई नेताओं ने प्रतिनिधित्व पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई है.
स्टालिन की टिप्पणियां इंडिया गठबंधन के उस प्रयास को रेखांकित करती हैं, जिसके तहत वह अहम चुनावी मुक़ाबलों से पहले अपनी एकता को प्रदर्शित करना और अपनी स्थिति को मज़बूत करना चाहता है.
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पीएसके