
चेन्नई, 21 अप्रैल . आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल ने चेन्नई में मीडिया से बातचीत करते हुए तमिलनाडु की राजनीति और मौजूदा हालात पर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने डीएमके और Chief Minister एमके स्टालिन की जमकर तारीफ की.
केजरीवाल ने कहा कि स्टालिन और उनकी पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रही है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले पांच सालों में तमिलनाडु में काफी विकास हुआ है और जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा सामने आता है, स्टालिन की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठती है. उन्होंने तमिलनाडु की जनता से अपील की कि वे डीएमके गठबंधन का समर्थन करें.
उन्होंने बताया कि Monday को उन्होंने और स्टालिन ने एक साथ रोड शो किया था, जिसे लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला. उनके मुताबिक, स्टालिन एक बेहद लोकप्रिय नेता हैं और जनता उन्हें काफी पसंद करती है. स्टालिन और उनके रिश्ते भाई जैसे हैं और उनका समर्थन आगे भी जारी रहेगा.
भाजपा पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि तमिलनाडु के लोग भाजपा की राजनीति को पसंद नहीं करते, इसलिए पार्टी राज्य में अपनी जगह नहीं बना पाई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एआईएडीएमके पूरी तरह भाजपा के प्रभाव में है. केजरीवाल ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि लोग एनडीए को वोट नहीं देंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा को एक भी सीट मिलती है, तो वह यहां Government बनाने की कोशिश करेगी और इससे राज्य में हो रहे अच्छे कामों पर असर पड़ सकता है. केजरीवाल ने भाजपा को सबसे भ्रष्ट पार्टी बताते हुए कहा कि दिल्ली में भी लोग भाजपा से जल्दी ही परेशान हो गए हैं.
Gujarat का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां लंबे समय से भाजपा की Government है, लेकिन हालात अच्छे नहीं हैं. वहीं, उन्होंने साफ किया कि अब वे इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं. चेन्नई बहुत सुंदर शहर है और यहां के लोग स्टालिन के कामों की सराहना कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जब जनता खुश है, तो किसी विकल्प की जरूरत नहीं होती, हालांकि लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, इसलिए विजय का चुनाव लड़ना भी स्वाभाविक है.
केजरीवाल ने तमिलनाडु की ब्रेकफास्ट योजना की भी सराहना की और इसे एक अच्छी पहल बताया. उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर कहा कि यह असल में परिसीमन से जुड़ा मामला है, जो लोकतंत्र को प्रभावित कर सकता है, इसलिए उन्होंने इसका विरोध किया.
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पीआईएम/एबीएम