
अमरावती, 15 अप्रैल (आईएएनस). Thursday से शुरू होने वाले संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र से पहले आंध्र प्रदेश में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने Wednesday को बैठक की.
Wednesday शाम Chief Minister के Governmentी आवास पर हुई इस बैठक में Chief Minister और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू, उपChief Minister और जन सेना के अध्यक्ष पवन कल्याण, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव और प्रदेश टीडीपी अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव शामिल हुए.
एनडीए के सहयोगी दलों ने संसद के दोनों सदनों में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण अधिनियम, 2023) से जुड़े संवैधानिक संशोधन का समर्थन करने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की.
चंद्रबाबू नायडू ने पहले ही राज्य के Political दलों के प्रमुखों और राज्य से राज्यसभा तथा Lok Sabha सदस्यों को पत्र लिखकर इस संशोधन विधेयक के लिए उनका समर्थन मांगा है.
उन्होंने उनसे इस संशोधन विधेयक को अपना समर्थन देने का आग्रह किया, जिसका उद्देश्य 2029 के चुनावों से शुरू होने वाली विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है.
टीडीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनसे अपील की कि वे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के Prime Minister Narendra Modi के संकल्प को मजबूत करें.
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पेश किया जाना भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.
इस बीच, आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष शर्मिला रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू को एक कड़ा खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया राज्य के Political और आर्थिक भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है.
अपने पत्र में, वाईएस शर्मिला रेड्डी ने आगाह किया कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन से संसद में राज्य का सापेक्ष प्रतिनिधित्व काफी कम हो जाएगा, जिससे केंद्र के साथ उसकी मोलभाव करने की शक्ति कमजोर पड़ जाएगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के बदलाव के परिणामस्वरूप, समय के साथ आंध्र प्रदेश को केंद्रीय आवंटन में हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है, जिसका सीधा असर अमरावती राजधानी विकास, पोलावरम परियोजना और प्रमुख औद्योगिक गलियारों जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर पड़ेगा.
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एमएस/