
सोल, 14 अप्रैल . फ्रांस और ब्रिटेन की अगुवाई में आयोजित की जा रही बहुपक्षीय बैठक में दक्षिण कोरिया भी शामिल होगा. ये बैठक होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थिर करने के साझा प्रयासों पर केंद्रित होगी.
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर होने वाली आगामी वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की बैठक का अगला चरण मानी जा रही है. उस बैठक में उस अहम समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा हुई थी, जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं.
दक्षिण कोरिया के उप विदेश मंत्री चुंग ई-हे इस ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसकी संयुक्त अगुवाई यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस करेंगे.
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मौजूदा संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है, ऐसे में वार्ता में तेजी लाना फिलहाल मुश्किल है. उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य संघर्ष समाप्त होने के बाद कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर तालमेल स्थापित कर जलडमरूमध्य को स्थिर करने के लिए ठोस उपायों की तलाश करना है.
अध्यक्ष के बयान के मुताबिक, 2 अप्रैल को आयोजित पिछली बैठक के बाद सहभागी देशों ने ‘बिना किसी शर्त के तुरंत’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की मांग की थी. साथ ही, उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने के लिए यूनाइटेड नेशंस समेत अन्य माध्यमों के जरिए समन्वित कदम उठाने पर भी चर्चा की थी, ताकि इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही निर्बाध रूप से बहाल की जा सके.
बैठक में होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने, समुद्री यातायात बहाल करने, और शिपिंग कंपनियों और उद्योग संगठनों के साथ समन्वय कर समय पर और सटीक जानकारी साझा करने पर भी जोर दिया गया.
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की जा रही है, जब यह माना जा रहा है कि सोल ने तेहरान के साथ इस जलडमरूमध्य में फंसे अपने जहाजों और चालक दल से संबंधित जानकारी साझा की है. इस कदम का उद्देश्य दो सप्ताह की संघर्ष-विराम अवधि के दौरान अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना बताया जा रहा है.
हालांकि, यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता में किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंचा जा सका है, जिससे स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है. वहीं, अमेरिका द्वारा इस समुद्री मार्ग की नाकाबंदी के लिए अपनी नौसेना तैनात करने की घोषणा ने हालात को और जटिल बना दिया है.
इससे पहले, दक्षिण कोरिया ने 26 मार्च को फ्रांस की अगुवाई में आयोजित शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बैठक में भी भाग लिया था. इसके अलावा, अगले सप्ताह सैन्य योजनाकारों और अन्य विशेषज्ञों के साथ हुई एक अलग बैठक में भी उसकी भागीदारी रही थी.
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केआर/