
सोल, 25 जून . दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने Thursday को कहा कि उनका देश कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लिए व्यवस्थित और व्यावहारिक तरीका अपनाएगा. साथ ही, क्षेत्र में शांति और स्थिरता बढ़ाने के लिए समान सोच वाले देशों के साथ सहयोग को और मजबूत करेगा.
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के अनुसार, चो ह्यून ने दक्षिणी पर्यटन द्वीप जेजू में चल रहे 21वें जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी में शामिल लोगों के लिए आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज के दौरान दक्षिण कोरिया की विदेश नीति की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने कहा, “हम कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर चरणबद्ध और व्यावहारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे, साथ ही स्थायी शांति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देंगे.” उन्होंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और संघर्षों को रोकने के महत्व पर भी जोर दिया.
चो ने यह भी दोहराया कि दक्षिण कोरिया, दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन के आधार पर अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही वह जी7 (ग्रुप ऑफ सेवन) जैसे समान विचार वाले देशों और ग्लोबल साउथ के उभरते एवं विकासशील देशों के साथ सहयोग बढ़ाएगा.
मंत्री ने कहा कि दक्षिण कोरिया विकास सहयोग, उन्नत तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी ताकत का उपयोग करके देशों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाने की कोशिश करेगा. इसके अलावा, वह जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के वैश्विक प्रयासों में भी योगदान देगा.
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस रात्रिभोज में वरिष्ठ Governmentी अधिकारी, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवार, राजनयिक, सांसद और फोरम में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख वक्ता शामिल हुए. यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फोरम Friday तक चलेगा. इसमें कई देशों के लगभग 4,500 अधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. फोरम के दौरान 68 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उत्तर कोरिया, कूटनीति, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है.
रात्रिभोज से पहले, चो ने तुर्किये के उप विदेश मंत्री लेवेंट गुमरुक्कू और इंडो-पैसिफिक मामलों के लिए फ्रांस की राजदूत डाना पुरकारेस्कु से मुलाकात की. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में बढ़ती भू-Political अनिश्चितताओं का सामना करने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई.
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एवाई/वीसी