
New Delhi/रांची, 24 अप्रैल ( ). Jharkhand में Enforcement Directorate के अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी की जांच को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में राज्य Government को देश की सर्वोच्च अदालत से झटका लगा है. Supreme Court ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने के Jharkhand हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य Government की याचिका को खारिज कर दिया है.
Friday को Supreme Court के न्यायाधीश जस्टिस एमएम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की. राज्य Government की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने पक्ष रखा और हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सीबीआई जांच पर रोक लगाने की मांग की, जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार नहीं किया. इस फैसले के बाद अब यह साफ हो गया है कि इस पूरे प्रकरण की सघन जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी. विवाद की शुरुआत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कर्मचारी संतोष कुमार की एक शिकायत से हुई थी.
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संतोष कुमार ने आरोप लगाया था कि 12 जनवरी को रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. इस शिकायत के आधार पर रांची के एयरपोर्ट थाना में ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. First Information Report दर्ज होने के बाद रांची Police ने ईडी कार्यालय पहुंचकर छापेमारी जैसी सक्रियता दिखाई थी, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था.
ईडी ने Jharkhand Police की इस कार्रवाई को केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में अवैध हस्तक्षेप और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए Jharkhand हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने 11 मार्च को अपने फैसले में कहा था कि मामले की निष्पक्षता के लिए इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए.
हाईकोर्ट ने न केवल Police जांच पर रोक लगा दी थी, बल्कि ईडी कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी अर्धसैनिक बलों को सौंपने का निर्देश दिया था. राज्य Government ने हाईकोर्ट के इसी आदेश को Supreme Court में विशेष अनुमति याचिका के जरिए चुनौती दी थी. Government का तर्क था कि Police को अपनी जांच करने का अधिकार है.
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एसएनसी/एएस