
गोरखपुर, 24 अप्रैल . उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने गोरखपुर में आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत की. इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि विपक्ष ने वर्षों तक इस बिल का समर्थन न करके महिलाओं को गुमराह किया है. उन्होंने विश्वास जताया कि Prime Minister इस बिल को दोबारा सदन में लाकर पारित कराने का प्रयास करेंगे और इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
अपर्णा यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि गोरखपुर में महिला आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में आयोग के सभी सदस्य शामिल हुए हैं.
अपर्णा यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का लंबे समय से विरोध होता रहा है. उन्होंने कहा कि यदि 1996 से अब तक के इतिहास को देखा जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि इस बिल को पारित करने में लगातार बाधाएं आती रही हैं और संभव है कि आगे भी इसका विरोध जारी रहे.
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में महिलाओं के बीच असंतोष और गुस्सा बढ़ता जा रहा है, जिसका Political प्रभाव पड़ना तय है. उनके अनुसार, इस बढ़ते जनमत को देखते हुए विपक्षी दलों को भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा.
अपर्णा यादव ने इस विषय को दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने वर्षों तक इस बिल का समर्थन न करके महिलाओं को गुमराह किया है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष को Narendra Modi के राष्ट्र के नाम संबोधन को ध्यान से सुनना चाहिए, जिसमें Prime Minister ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के सशक्तीकरण का यह अभियान रुकने वाला नहीं है.
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के रवैये को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी और इसका प्रभाव दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं पर भी पड़ा है. अपर्णा यादव के अनुसार, आज देश की आधी आबादी अपनी Political भागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूक हो चुकी है और हर स्तर पर अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करना चाहती है, जो आने वाले समय में भारतीय राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है.
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एएसएच/वीसी