मराठी सीखने की अनिवार्यता पर शिवसेना का समर्थन, ड्राइवरों के लिए चार माह की मोहलत को बताया व्यावहारिक कदम

Mumbai , 1 मई . Maharashtra Government द्वारा ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों को मराठी भाषा सीखने के लिए चार महीने का समय देने के फैसले ने राज्य में भाषा और रोजगार को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने इसे एक सीधा और व्यावहारिक कदम बताया.

उन्होंने कहा कि Government और परिवहन विभाग की ओर से ऐसी पुस्तिकाएं जारी की जा रही हैं, जिनकी मदद से ड्राइवर आसानी से मराठी सीख सकते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आज के समय में कई मोबाइल ऐप्स उपलब्ध हैं, जो भाषा सीखने की प्रक्रिया को और सरल बना रहे हैं.

राजू वाघमारे ने से बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि हिंदी और मराठी की लिपियों में काफी समानता है, इसलिए ड्राइवरों को केवल आवश्यक चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है, जैसे दिशा-निर्देश, स्थानों के नाम और बुनियादी संवाद. उनके अनुसार, मराठी सीखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि राज्य में अधिकांश सड़क संकेत और सूचना पट्ट मराठी भाषा में ही लिखे होते हैं, जिससे यात्रियों और ड्राइवरों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके.

उन्होंने कहा कि Government का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि Maharashtra में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मराठी आनी चाहिए. उनका मानना है कि जो लोग राज्य में काम कर रहे हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, उनके लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान आवश्यक है, चाहे वे किसी भी पेशे में क्यों न हों.

कांग्रेस नेता अमीन पटेल ने कहा कि मराठी भाषा का कोई विरोध नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि लोग स्वेच्छा से मराठी सीखना और बोलना चाहते हैं और बड़ी संख्या में लोग पहले से ही इस भाषा का उपयोग कर रहे हैं. उनके अनुसार, यह मुद्दा विवाद का नहीं, बल्कि स्वाभाविक रूप से भाषा को अपनाने का है.

एएसएच/वीसी

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