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Thursday, 22 October 2026
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एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली ही शिवसेना असली : प्रेम शुक्ला

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली ही शिवसेना असली : प्रेम शुक्ला

New Delhi, 20 जून . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्तमान समय में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली ही एकमात्र शिवसेना है.

इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक से जुड़ने वाली पार्टियों पर भी तीखा हमला बोला और दावा किया कि ऐसे Political गठबंधनों से संबंधित दलों को नुकसान उठाना पड़ा है.

प्रेम शुक्ला ने से बातचीत के दौरान कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जो कह रहे हैं, वही सबसे बड़ा सत्य है. शिवसेना संस्थापक और हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्ववादी विचारों के प्रति यदि कोई पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहा है, तो वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना है.

भाजपा नेता ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने अपने Political जीवन में कई बार यह स्पष्ट किया था कि यदि कभी कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने की नौबत आई, तो वह अपनी दुकान बंद करना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना आज उसी स्थिति की ओर बढ़ रही है और उसका Political अस्तित्व कमजोर होता जा रहा है.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान समय में यदि किसी शिवसेना का वैचारिक और Political अस्तित्व स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, तो वह केवल एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना है. बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने का कार्य शिंदे गुट कर रहा है, जबकि उद्धव ठाकरे का गुट अपने मूल Political मार्ग से भटक गया है.

शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने भी राहुल गांधी और उनके नेतृत्व वाली राजनीति पर निशाना साधा था. शिंदे ने कहा था कि राहुल गांधी के साथ जाने वाली Political पार्टियों को नुकसान हुआ है और कांग्रेस उनके नेतृत्व में लगातार कमजोर होती गई है.

एकनाथ शिंदे के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेम शुक्ला ने राहुल गांधी पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि जहां-जहां राहुल गांधी का Political प्रभाव पड़ा है, वहां संबंधित दलों को नुकसान उठाना पड़ा है. उन्‍होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के साथ जुड़ने के बाद कई क्षेत्रीय दलों की Political स्थिति कमजोर हुई है. शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), डीएमके, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक की राजनीति से जुड़ने के बाद चुनौतियों का सामना कर रही हैं.

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एएसएच/एबीएम

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