
jaipur, 4 मार्च . ‘जल जीवन मिशन’ घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल और अन्य आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में युद्धस्तर पर तलाशी अभियान जारी है.
17 फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 4 मार्च तक अपने 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है. आरोपियों को पकड़ने के लिए कुल 40 समर्पित खोज दल गठित किए गए हैं, जिनमें अतिरिक्त Police अधीक्षक, उप Police अधीक्षक, Police निरीक्षक सहित विभिन्न स्तरों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.
पूरी कार्रवाई की निगरानी Police उप महानिरीक्षकों और Police अधीक्षकों द्वारा की जा रही है, ताकि विभिन्न राज्यों में चल रही कार्यवाहियों के बीच प्रभावी समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
अधिकारियों के अनुसार, Rajasthan सहित अन्य राज्यों के करीब 21 शहरों में 100 से अधिक स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया है.
प्रमुख शहरों में jaipur, उदयपुर, जोधपुर, कोटा, नागौर, New Delhi, चंडीगढ़, फरीदाबाद, नोएडा, मेरठ, प्रयागराज और Mumbai शामिल हैं. jaipur के सी-स्कीम, निर्माण नगर, मन्यावास और बजाज नगर एक्सटेंशन; New Delhi के डिफेंस कॉलोनी और न्यू मोती बाग; फरीदाबाद के सेक्टर-39; Haryana के सोहना; और Mumbai के मालाबार हिल और जुहू जैसे उच्च-प्रोफाइल इलाकों में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई है.
तलाशी अभियान के दौरान आरोपियों के आवास, उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों की संपत्तियां, फार्महाउस, फ्लैट, होटल और अन्य संदिग्ध स्थानों की गहन जांच की गई.
अब तक करीब 50 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जिनमें आरोपी के करीबी रिश्तेदार, मित्र, घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर और उन्हें शरण देने के संदेह में शामिल व्यक्ति शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त, आरोपी की मदद करने के आरोप में चार अन्य व्यक्तियों को विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. जांच एजेंसियां तकनीकी पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं.
पांच प्रमुख शहरों में स्थित संपत्तियों से cctv फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर उनकी जांच की जा रही है, ताकि फरार आरोपी के मूवमेंट और संपर्कों का पता लगाया जा सके.
यह पूरा मामला कथित ‘जल जीवन मिशन’ घोटाले से जुड़ा है, जिसकी जांच में हाल के दिनों में तेजी लाई गई है. इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, Enforcement Directorate और केंद्रीय जांच ब्यूरो संयुक्त रूप से कर रहे हैं.
यह कथित घोटाला पहली बार जून 2023 में उस समय सामने आया था, जब Rajasthan के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इसकी पहल की थी. इस मामले में लगभग 20 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें कई सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं.
एसीबी ने दिल्ली, छत्तीसगढ़ और Jharkhand में करीब 15 स्थानों पर छापेमारी की है. इन अभियानों के दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से पकड़ा गया एक व्यक्ति भी शामिल है.
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एएसएच/एससीएच