ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनेज़िया प्रोजेक्ट में करोड़ों का घोटाला, निवेशकों ने फिर Supreme Court का खटखटाया दरवाजा

ग्रेटर नोएडा, 21 अप्रैल . ग्रेटर नोएडा के चर्चित ग्रैंड वेनेज़िया प्रोजेक्ट से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में निवेशकों ने एक बार फिर Supreme Court का रुख किया है. लंबे समय से अटके इस मामले में निवेशकों ने प्रोजेक्ट के प्रमोटर सतेंद्र सिंह भसीन पर Supreme Court के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

निवेशकों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि Supreme Court ने 2 अप्रैल को अपने आदेश में भसीन के व्यवहार को देखते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी थी. कोर्ट ने उन्हें सात दिनों के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था. हालांकि, भसीन ने इस समयसीमा को बढ़ाने की मांग की थी, जिसे Supreme Court ने खारिज कर दिया था.

याचिका के अनुसार, भसीन को 9 अप्रैल तक सरेंडर करना था. लेकिन, निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद उन्होंने अब तक न तो Police के सामने और न ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है.

निवेशकों का आरोप है कि भसीन जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं और अलग-अलग कानूनी विकल्पों का सहारा लेकर मामले को टाल रहे हैं. उनका कहना है कि यदि ऐसे रवैये को नजरअंदाज किया गया, तो यह एक गलत उदाहरण साबित हो सकता है.

इसके अलावा, निवेशकों ने याचिका में उत्तर प्रदेश Police की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि Police ने भी Supreme Court के आदेशों के पालन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. साथ ही यह आशंका भी जताई गई है कि भसीन देश छोड़कर फरार हो सकते हैं.

वहीं, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि भसीन ने कोर्ट से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है. निवेशकों के अनुसार, उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दर्ज कई First Information Report की जानकारी कोर्ट को नहीं दी.

निवेशकों ने Supreme Court से मांग की है कि भसीन को तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया जाए. इसके अलावा, उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने और देश से भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी करने की भी मांग की गई है.

एबीएम

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