जनकपुरी हादसे पर सौरभ भारद्वाज का निशाना, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

New Delhi, 6 फरवरी . दिल्‍ली के जनकपुरी इलाके में सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार युवक की मौत के मामले ने Political तूल पकड़ लिया है. आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने Friday को घटनास्थल का दौरा कर दिल्ली Police और Government पर गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने कहा कि इस हादसे में एक परिवार का चिराग बुझ गया, लेकिन Police सच्चाई सामने लाने के बजाय भाजपा Government को बचाने में जुटी हुई है. घटना स्थल के निरीक्षण के बाद सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि क्राइम सीन के साथ छेड़छाड़ की गई है.

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर गड्ढे के चारों ओर पहले से ही मजबूत बैरिकेडिंग थी, तो बाइक सवार युवक आखिर गड्ढे में कैसे गिरा? क्या वह हवा में उड़ता हुआ अंदर जा गिरा? उन्होंने कहा कि मौके पर सड़क के एक तरफ करीब आठ फुट ऊंची लोहे की बैरिकेडिंग और उस पर तार लगे हुए हैं, जबकि बाकी तीनों तरफ भी भारी लोहे की बैरिकेडिंग दिखाई दे रही है. ऐसे में यह स्पष्ट है कि बाद में बैरिकेडिंग लगाकर यह दिखाने की कोशिश की गई कि हादसे में Government या प्रशासन की कोई लापरवाही नहीं थी.

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यह सामान्य क्राइम सीन बैरिकेडिंग नहीं है, बल्कि जानबूझकर बनाई गई ऐसी संरचना है, जिससे सच्चाई छिपाई जा सके. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि Government मानो यह साबित करना चाहती है कि युवक ने खुद बैरिकेडिंग खोली, बाइक लेकर अंदर गया, फिर उसे बंद किया और गड्ढे में कूद गया, ताकि भाजपा Government और उसके नेताओं को बदनाम किया जा सके.

उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक और असंवेदनशील रवैया बताया. आप नेता ने Police पर यह भी आरोप लगाया कि मृतक युवक के मोबाइल की लोकेशन Police के पास मौजूद थी और मोबाइल चालू था. इसके बावजूद Police ने रात में लोकेशन साझा करने के बाद उसे डिलीट कर दिया, जिससे संदेह और गहरा होता है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर Police क्या छिपाना चाहती थी और सुबह होते-होते घटनास्थल पर भारी बैरिकेडिंग किसके आदेश पर लगाई गई.

सौरभ भारद्वाज ने Government से मांग की कि इस मामले की cctv फुटेज तुरंत सार्वजनिक की जाए. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के हर चौराहे, सड़क और गली में कैमरे लगे हैं, तो फुटेज न मिलना अपने आप में सवाल खड़ा करता है. उन्होंने यह भी कहा कि केवल जांच कमेटी बनाने से कुछ हासिल नहीं होगा, जैसा कि पहले नोएडा के एक मामले में देखा गया था.

मुआवजे के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुआवजा इंसाफ का विकल्प नहीं हो सकता. सबसे पहले मृतक परिवार को न्याय मिलना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा Government मुआवजा और Governmentी नौकरी केवल अपने कार्यकर्ताओं के परिवारों को देती है, जबकि अन्य पीड़ितों के साथ भेदभाव किया जाता है. सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक हादसे का नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन की जवाबदेही का है, जिस पर Government को जवाब देना ही होगा.

पीकेटी/एएसएच

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