शीर्ष नेतृत्व तय करेगा मुंबई-ठाणे का मेयर, वह मराठी भाषी और हिंदू होगा: संजय उपाध्याय

Mumbai , 17 जनवरी . भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने Mumbai और ठाणे के मेयर को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तय करना उनका काम नहीं है कि इन दोनों महानगरों में महापौर कौन होगा.

संजय उपाध्याय ने से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि यह निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, जिसमें Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और उपChief Minister एकनाथ शिंदे शामिल हैं. दोनों नेताओं ने साफ कर दिया है कि महापौर महायुति का ही होगा, वह मराठी भाषी होगा और सबसे अहम बात यह है कि वह हिंदू होगा.

Political समीकरणों और Maharashtra नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को लेकर संजय उपाध्याय ने कहा कि उन्हें लगता है कि राज ठाकरे एक अच्छे वक्ता हैं और उनकी रैलियों में भीड़ भी जुटती है, लेकिन इसके बावजूद वह नासिक जैसी जगहों पर भी एक भी सीट नहीं जीत पाए. उन्होंने कहा कि Mumbai में यह माहौल बनाया गया कि दोनों ठाकरे भाई एकजुट हो गए हैं, लेकिन इस एकजुटता का असली फायदा उद्धव ठाकरे को हुआ. उद्धव ठाकरे ने बहुत सोच-समझकर राज ठाकरे का Political उपयोग किया.

संजय उपाध्याय ने कहा कि अगर राज ठाकरे राज्य में महायुति के साथ विधानसभा में होते, तो स्थिति बिल्कुल अलग होती. ऐसी स्थिति में राज ठाकरे का बेटा भी चुनाव जीतता, उनके पास छह विधायक होते और आज 20 से 25 नगरसेवक भी चुनकर आते. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसके साथ जाना है, यह पूरी तरह राज ठाकरे का व्यक्तिगत फैसला है और उसी के आधार पर उनकी Political स्थिति तय हुई है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पूछे गए सवाल पर संजय उपाध्याय ने कहा कि उस पर टिप्पणी करना उनका अधिकार नहीं है, हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि भाजपा और उससे जुड़े विचारधारा के लोग यह मानते हैं कि जब हिंदू समाज एकजुट और मजबूत होगा, तब सभी को उसकी बात सुननी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि देश में अब हिंदू पहचान जाग चुकी है, उसकी ताकत और प्रभाव बहुत बड़ा है. ऐसे में कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले हिंदू जनमत क्या चाहता है, यह समझना सभी के लिए जरूरी हो गया है.

एएसएच/वीसी

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