संजय राउत ने केंद्र पर महाराष्ट्र के सहकारी क्षेत्र के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया

Mumbai , 21 अगस्त . शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने और Mumbai में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त विकास निगम (एनयूसीएफडीसी) कार्यालय के उद्घाटन पर चिंता व्यक्त की है.

20 अगस्त, 2026 को लिखे पत्र की प्रति Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और राष्ट्रीय सहकारी समिति अध्यक्ष शरद पवार को भी भेजी गई है. राउत ने शहरी सहकारी बैंकिंग परिसंपत्तियों से संबंधित मंत्रालय के हालिया निर्णयों पर अपनी प्रमुख आपत्तियां रखी हैं.

राउत ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर पत्र मराठी में लिखा है ताकि जनता समझ सके कि उनके शब्दों में, Maharashtra के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के साथ किस प्रकार ‘अन्याय किया जा रहा है.’

उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक जल्दबाजी में पारित किया गया था और एनयूसीएफडीसी के माध्यम से Maharashtra और गोवा के शीर्ष शहरी सहकारी बैंक की संपत्ति को उसके सदस्यों की सहमति के बिना जब्त कर लिया गया था.

उन्होंने इसे Maharashtra के सहकारी आंदोलन पर सीधा हमला बताया.

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि संसद ने मानसून सत्र के दौरान पर्याप्त चर्चा या जांच के बिना विधेयक पारित कर दिया. राउत ने 8 अगस्त, 2026 को Mumbai में एनयूसीएफडीसी कार्यालय के उद्घाटन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह परिसर पहले Maharashtra और गोवा के शीर्ष शहरी सहकारी बैंक का मुख्यालय था, जो स्थानीय सहकारी संस्थाओं द्वारा वित्त पोषित एक संस्था है.

शीर्ष बैंक कई वर्षों से परिसमापन प्रक्रिया में है और परिसंपत्ति वितरण की प्रतीक्षा कर रही सदस्य समितियां इससे प्रभावित हैं. उन्होंने माधवपुरा मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक के खिलाफ Supreme Court में लंबित वसूली दावों का हवाला दिया.

राउत ने कहा कि परिसर आवंटन के संबंध में Maharashtra के सहकारी बैंक सदस्यों से परामर्श नहीं किया गया और न ही उनकी सहमति ली गई.

उन्होंने आगे कहा कि सहकारिता मंत्रालय और सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार की वेबसाइटों पर हस्तांतरण आदेशों से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं.

उन्होंने बताया कि एनयूसीएफडीसी दिल्ली में पंजीकृत एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के रूप में संरचित है, और राज्य से पर्याप्त पूंजी प्राप्त करने के बावजूद इसके निदेशक मंडल में Maharashtra के शहरी सहकारी बैंकों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है.

एमएस/

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