सम्राट चौधरी : बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री, राबड़ी सरकार में मंत्री से लेकर सीएम बनने तक का सफर

Patna, 15 अप्रैल . Tuesday को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में भाजपा युग की शुरुआत हो गई. बिहार में पहली बार भाजपा के Chief Minister ने शपथ ली, जो भाजपा के लिए ऐतिहासिक है. केंद्रीय कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान द्वारा संशय के बादल हटाए जाने के बाद, सम्राट चौधरी के नाम पर आधिकारिक मुहर लगी. सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें Chief Minister के रूप में बागडोर संभाल ली है. Governor सैयद अताउल हसनैन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

बिहार के नवनियुक्त Chief Minister सम्राट चौधरी (राकेश कुमार) का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड स्थित लखनपुर गांव में हुआ था. वह एक प्रतिष्ठित Political पृष्ठभूमि से आते हैं. उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, वहीं उनकी माता पार्वती देवी भी बिहार विधानसभा की सदस्य रही हैं. पिछड़ा वर्ग (कुर्मी समुदाय) से संबंध रखने वाले सम्राट चौधरी को राज्य की राजनीति में ओबीसी वोट बैंक पर पकड़ रखने वाला एक कद्दावर नेता माना जाता है.

सम्राट चौधरी का Political जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. उन्होंने 1990 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से राजनीति की शुरुआत की. 1999 में कम उम्र में राबड़ी देवी Government में कृषि मंत्री बने थे. वे बिहार के सबसे युवा मंत्रियों में से एक थे. वर्ष 2000 और 2010 में सम्राट परबत्ता से विधायक चुने गए. कुछ दिन जेदयू में रहने के बाद वर्ष 2017 में वे भाजपा में शामिल हो गए.

वर्ष 2023 में वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए. जनवरी 2024 में नीतीश Government में उपChief Minister बनाए गए और वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास, पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभाग को संभाला. फिर 2025 के विधानसभा चुनाव में तारापुर से जीत दर्ज की. सिर्फ आठ से नौ साल में भाजपा में उनकी तेज तरक्की को पार्टी की ओबीसी आउटरीच रणनीति का नतीजा माना जा रहा है.

सम्राट चौधरी विवादों से भी घिरे रहे हैं. 2025 के चुनावी हलफनामे में सम्राट चौधरी ने जानकारी दी थी कि उन पर दो आपराधिक मामले लंबित हैं. एक केस Patna में दर्ज है. तो दूसरा उनके गृह जिले मुंगेर में दर्ज है. Lok Sabha चुनाव के दौरान आचार सहिंता के उल्लंघन का मामला भी उन पर केस दर्ज किया गया था. उन्होंने हलफनामे में 10 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति घोषित की थी.

एसडी/एएस

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