
New Delhi, 26 फरवरी . BJP MP संबित पात्रा ने Thursday को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पार्टी और Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समझौतावादी होने की बात कह रहे हैं, लेकिन हम बताना चाहते हैं कि वास्तव में समझौतावादी कौन थे.
BJP MP संबित पात्रा ने कहा कि असलियत में समझौतावादी पंडित जवाहरलाल नेहरू थे. हमें उन्हें चाचा नेहरू नहीं, बल्कि चाचा कॉम्प्रोमाइज्ड कहना चाहिए. गांधी परिवार एक कॉम्प्रोमाइज्ड (समझौता कर चुका) परिवार है और कांग्रेस एक समझौतावादी Political दल है. उनके द्वारा जानकर गलतियां की गई थीं ताकि देश कॉम्प्रोमाइज्ड हो.
BJP MP ने कहा कि सवाल है कि राष्ट्र सुरक्षा इतनी कमजोर क्यों बनाई गई. दूसरा विषय क्षेत्रीय समर्पण का है. चाचा कॉम्प्रोमाइज्ड ने अपने मन के मुताबिक India के मानचित्र पर पैन से लाइन बना दी थी कि यह Pakistan, चीन और India है. राहुल गांधी की ये एक पूरी तैयारी थी, भारतवर्ष को नीचा दिखाने की थी.
संबित पात्रा ने कहा कि चाचा कॉम्प्रोमाइज्ड ने India के नक्शे के ऊपर जब मन किया, मानो अपने स्केच पेन से ही आंक दिया कि ये हिस्सा Pakistan को दे देंगे, ये हिस्सा चीन को दे देंगे. तिब्बत और अक्साई चिन की कहानी आप सब जानते हैं. 1954 में पंचशील समझौता हुआ और उसके जरिए नेहरू ने तिब्बत को चीन को उपहार में दे दिया.
उन्होंने बताया कि चाचा कॉम्प्रोमाइज्ड की गलतियां कोई नीतिगत गलतियां नहीं थीं. ये गलतियां सोच समझकर और जान बूझकर की गई थीं, ताकि देश कॉम्प्रोमाइज्ड हो. सवाल यह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा इतनी खोखली क्यों बना दी गई थी कि देश के गुप्त दस्तावेज विदेशी हाथों में सौंप दिए जाते थे. 1951 में उन्हें पता था कि चीन अक्साई चिन में सड़क बना रहा है, लेकिन 1959 तक उन्होंने इस बात को छिपाए रखा और पार्लियामेंट में इसे अफवाह भी बताया.
BJP MP ने कहा कि पश्चिम बंगाल को पूरी तरह से अलग रखकर, 1958 के नेहरू-नून समझौते में उन्होंने बेरुबारी को Pakistan को सौंप दिया. Supreme Court के फैसले के बावजूद संविधान के नौवें संशोधन के जरिए उन्होंने बेरुबारी को Pakistan को सौंप दिया था. इसके साथ ही 1962 में बिना सैन्य परामर्श और बिना किसी रसद के हमारी सेना को बिना यूनिफॉर्म और बिना जूतों के बॉर्डर पर धकेला गया. इस आत्मघाती निर्णय को नेहरू के रिश्तेदार ही लीड कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि नेहरू के फैसलों की कीमत आज भी देश को चुकानी पड़ रही है, इसलिए यह सवाल उठता है, क्या नेहरू को चीन और Pakistan ने रिश्वत दी थी? क्या यही वजह थी कि उन्होंने इन देशों को जमीन दी? हम कांग्रेस Government से यही जानना चाहते हैं.
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एसएके/वीसी