बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा पर भड़के अयोध्या के संत, केंद्र सरकार से की राष्ट्रपति शासन की मांग

अयोध्या, 28 मार्च . Friday को रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में दो समुदायों के बीच झड़प हुई.

हिंसा में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मामले को शांत करते हुए Police ने प्रभावित जांगीपुर और रघुनाथगंज इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है. इस घटना को लेकर अब अयोध्या के संतों ने विरोध दर्ज कराया है और ममता Government पर जमकर निशाना साधा है.

महामंडलेश्वर विष्णु दास ने शोभा यात्रा पर हुई पत्थरबाजी की घटना को निंदनीय बताया. उन्होंने से खास बातचीत में कहा, “ममता बनर्जी कट्टर समुदाय को पाल कर रखती हैं और एक ही समुदाय को खुश करने की कोशिश करती हैं, लेकिन अब उनकी सत्ता जाने वाली है क्योंकि उन्होंने हमारे भगवान श्री राम की शोभा यात्रा पर पथराव किया है. इन्होंने गैंग बना रखी है, जिसका काम सिर्फ पथराव करना और हमारे समुदाय को नुकसान पहुंचाना है. ममता जैसे लोग ही हैं, जो India में रहकर शरिया कानून लाना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात हैं, जहां हिंदुओं पर अत्याचार होता रहा है, और इसके पीछे ममता Government का बड़ा हाथ है, लेकिन अब समय आ गया है कि वहां के हिंदू और सनातनी लोग उन्हें जवाब देने वाले हैं और सत्ता से बेदखल करने वाले हैं.

वहीं, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भी रामनवमी के दिन पश्चिम बंगाल में हुई घटना को पीड़ादायक बताया. उन्होंने केंद्र Government से मांग की है कि जल्द से जल्द मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो. उन्होंने कहा, “केंद्र Government को पश्चिम बंगाल में President शासन लगाने की जरूरत है क्योंकि अब बात हाथ से निकल चुकी है. ममता बनर्जी आतंकवादियों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल को India से अलग करना चाहती हैं. जैसा हाल पहले बांग्लादेश का हुआ था, अब उसी नक्शेकदम पर पश्चिम बंगाल पहुंच चुका है. वहां भी हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है और अगर स्थिति को संभाला नहीं गया तो हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं.”

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि बंगाल की Police भी Government और आतंकियों के इशारे पर काम करती है और हिंदूओं की किसी मामले में सुनवाई नहीं होती है.

पीएस/पीएम

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