
Lucknow, 25 जून . उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा भगवान राम को लेकर दिए गए विवादित बयान पर साधु-संतों ने नाराजगी जताई. साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष द्वारा First Information Report की मांग का समर्थन किया है.
स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहले भी हमारे पवित्र ग्रंथ रामायण का अपमान किया था. उन्होंने हमारे देवी-देवताओं का अपमान किया था. अब उन्होंने हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम राम का अपमान किया है. ऐसी अभद्र बातें पहले कभी किसी ने नहीं कहीं. स्वामी प्रसाद ने अब तक इस्लाम के खिलाफ कभी कुछ नहीं कहा. ऐसे व्यक्ति के खिलाफ रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए. हिंदू देवी-देवाताओं का अपमान करने वालों को इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है. “
राम मंदिर चंदे विवाद में विश्व हिंदू परिषद की First Information Report की मांग पर महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक ने जो उचित मांग की है, वह सराहनीय है. मैं भी Wednesday को उनका बयान पढ़ और सुन रहा था. यह अच्छी बात है कि आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं, लेकिन सच साफ-साफ सामने आना चाहिए. जब First Information Report दर्ज होगी और ठीक से जांच होगी, तभी सच पता चल पाएगा कि असल में कौन जिम्मेदार है?”
स्वामी दिलीप दास त्यागी ने भी कहा, “मैं विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष की मांग का स्वागत करता हूं और उन्हें धन्यवाद देता हूं. जो कोई भी यह मांग करता है, मैं तहे दिल से उसका स्वागत करता हूं, और First Information Report जरूर दर्ज होनी चाहिए. First Information Report के बिना जांच कैसे हो सकती है? एक बार First Information Report दर्ज हो जाएगी तो जांच होगी और सभी दोषी पकड़े जाएंगे. मैं विश्व हिंदू परिषद की मांग का समर्थन करताहूं और आग्रह करता हूं कि First Information Report दर्ज की जाए और Police तुरंत इन लुटेरों, डकैतों, चोरों, धोखेबाजों और स्कैमर्स की जांच करे.”
नासिक में महंत भक्त चरण दास महाराज ने राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी और भगवान राम पर की गई विवादित टिप्पणियों की निंदा की. उन्होंने कहा कि जांच चल रही है और सच सामने आएगा. उन्होंने कहा, “राम मंदिर चंदा चोरी मामले में दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, भगवान राम मंदिर हिंदुओं के आस्था के केंद्र हैं. इस मामले में Government द्वारा कानूनी कार्रवाई बहुत जरूरी है, तभी सच्चाई का पता चलेगा.”
स्वामी प्रसाद के बयान पर महंत भक्त चरण दास ने कहा, “भगवान राम के बारे में गलत बोलना पूरे हिंदू समाज का अपमान है. राम मंदिर में जो हुआ है, उस पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इस तरह स्वामी प्रसाद ने अपशब्द कह कर राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाया है. स्वामी प्रसाद को सोच-समझकर कोई भी बयान देना चाहिए. स्वामी प्रसाद के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.”
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ओपी/डीकेपी