
अयोध्या, 19 दिसंबर . भगवान श्री राम को लेकर टीएमसी विधायक मदन मित्रा के विवादित बयान पर साधु-संतों ने नाराजगी जाहिर की है. साधु संतों का कहना है कि सनातनी ऐसे लोगों की बुद्धि ठीक करना जानते हैं.
अयोध्या से सीताराम दास महाराज ने कहा कि टीएमसी विधायक का बयान बेहद निंदनीय और दुखद है. उनका दिमाग खराब हो गया है, और उन्होंने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है. उन्हें अपनी मानसिक स्थिति के लिए इलाज करवाना चाहिए. अगर वे नहीं करा सकते हैं, तो सनातनी अच्छे से इलाज कर देंगे.
उन्होंने कहा कि एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सीताराम दास महाराज ने पीएम मोदी से अपील की है कि वे ऐसा कानून बनाएं जहां ऐसे बयानों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए और आरोपी की संपत्ति जब्त की जाए. Government संपत्ति की नीलामी कराए. महाराज ने कहा कि सनातन पर विवादित बयान सहन नहीं किया जा सकता है. भगवान राम के खिलाफ टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है.
करपात्री महाराज ने कहा कि भगवान राम सभी धर्मों के हैं. राम पूरी दुनिया के पिता हैं, लेकिन जिस टीएमसी विधायक ने कहा कि राम मुस्लिम हैं, उन्होंने बहुत ही गलत भाषा का इस्तेमाल किया है. उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था. वे अयोध्या में ऐसे बयान देकर दिखाएं, सरयू में बहा देंगे.
महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा कि ममता बनर्जी के विधायक मदन मित्रा की सोच सही नहीं है. अगर उनकी सोच सही होती, तो वे राम को मुसलमान नहीं कहते. इससे पता चलता है कि ऐसे लोग India में रहते हुए राम का अपमान कर रहे हैं, सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं और करोड़ों सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. राम हमारे जीवन और अस्तित्व का आधार हैं.
उन्होंने परम ब्रह्म और भगवान राम के बारे में अभद्र टिप्पणी की है, जिसकी मैं निंदा करता हूं. सभी सनातनी जाकर उनकी जीभ काटकर ले आएं. महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा कि जब जीभ नहीं होगी तो बोलेंगे क्या. उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा है कि जब से बंगाल में बाबरी का शिलान्यास हुआ है, तब से बाबरी का प्रेत उनके शरीर में घुस गया है. बाबर आतंकी था. टीएमसी विधायक के शरीर से बाबर के भूत को निकालने के लिए सभी सनातनी जाएंगे और बुद्धि ठीक कर वापस लौटेंगे.
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डीकेएम/वीसी