
मॉस्को, 29 अप्रैल . रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अगले महीने India आएंगे, यहां वे New Delhi में होने वाली ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. रूस के विदेश मंत्रालय ने Wednesday को इसकी जानकारी दी.
मॉस्को में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बताया कि लावरोव India के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर भी बातचीत करेंगे. इसमें दोनों देशों के बीच होने वाली बैठकों का कार्यक्रम, खासकर भारत-रूस अंतर-Governmentी आयोग की तैयारियां शामिल होंगी.
यह आयोग व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर काम करता है. इसके अलावा दोनों देश आपसी हित के अन्य मामलों पर भी चर्चा करेंगे.
जखारोवा ने कहा, “14 और 15 मई को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव New Delhi में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की पूर्ण बैठक में हिस्सा लेंगे. India की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने का अच्छा मौका होगी. इसमें वैश्विक शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने और दुनिया के देशों की भूमिका बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा.”
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सितंबर में New Delhi में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के संदर्भ में रणनीतिक साझेदारी को विकसित करने के लिए आगे के कदमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और ब्रिक्स के साझेदार देशों के विदेश मंत्रियों की भागीदारी भी कुछ सत्रों में संभव होगी.
उन्होंने यह भी कहा कि लावरोव की India यात्रा के दौरान India के विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी, जिसमें दोनों देशों के रिश्तों के पूरे दायरे पर बात होगी. इसके अलावा उच्च और कार्य स्तर पर होने वाले आगामी संपर्कों के कार्यक्रम पर भी चर्चा होगी. अंतर-Governmentी आयोग की बैठकों की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
पिछले महीने, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लावरोव से फोन पर बातचीत की थी. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष और उससे जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर विचार साझा किए थे.
जयशंकर ने उस समय social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अच्छी फोन पर बातचीत हुई. हमने पश्चिम एशिया के संघर्ष और उससे जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर अपनी-अपनी राय साझा की. साथ ही अपने द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे की भी समीक्षा की.”
India 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है, जिसकी थीम है ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’. यह दृष्टिकोण लोगों को केंद्र में रखकर और मानवता को प्राथमिकता देते हुए Prime Minister Narendra Modi द्वारा 2025 में रियो डी जनेरियो में हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बताया गया था.
ब्रिक की शुरुआत 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्रियों की पहली बैठक से हुई थी. 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन हुआ. 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद इसे ब्रिक से ब्रिक्स बना दिया गया. दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में तीसरे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था.
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एवाई/डीकेपी