
शिलांग, 23 जून . मेघालय के Chief Minister कॉनराड संगमा ने Tuesday को राज्य के लिए एक समग्र नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र Government की पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप स्वच्छ ऊर्जा के नए विकल्पों की भी तलाश की जानी चाहिए.
शिलांग स्थित राज्य अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए Chief Minister ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने, लोगों की भागीदारी बढ़ाने और जागरूकता अभियान मजबूत करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए.
बैठक में पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है. इसके लिए केंद्र Government की ओर से 78 हजार रुपए तक की वित्तीय सहायता भी दी जाती है.
अधिकारियों ने Chief Minister को बताया कि मेघालय में इस योजना को लागू करने में कुछ चुनौतियां सामने आ रही हैं. इनमें परिवहन लागत अधिक होना, दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र और छतों पर सौर संयंत्रों का सीमित विस्तार प्रमुख कारण हैं, जिससे स्थापना लागत बढ़ जाती है.
Chief Minister ने कहा कि लोगों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना अधिक लाभकारी और आकर्षक बनाया जाना चाहिए. इसके लिए निवेश की लागत जल्द वापस मिलने और उपभोक्ताओं को अधिक लाभ पहुंचाने पर ध्यान देने की जरूरत है.
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम सूर्य घर योजना को राज्य की अन्य नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं, विशेष रूप से Chief Minister सौर मिशन के साथ जोड़ा जाना चाहिए.
ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता पर जोर देते हुए Chief Minister ने बैटरी आधारित सौर ऊर्जा प्रणालियों के विकल्पों पर काम करने की बात कही. उनका मानना है कि इससे बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद होगी और लोगों को सौर ऊर्जा का अधिक लाभ मिलेगा.
Chief Minister ने अधिकारियों को Governmentी कार्यालयों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में भी छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया. इसके लिए केंद्र Government से मिलने वाली सहायता का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया.
उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई और सुझाव दिया कि स्कूलों, कॉलेजों तथा युवा संगठनों को इस अभियान से जोड़ा जाए.
दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Chief Minister ने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बायोमास, बायोगैस, सूक्ष्म जलविद्युत परियोजनाओं और सौर ऊर्जा आधारित सामुदायिक ढांचों जैसे विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों पर भी काम करने का आह्वान किया.
बैठक के अंत में अधिकारियों को ऐसी समन्वित रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे बिजली की लागत कम हो, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े और मेघालय का टिकाऊ ऊर्जा भविष्य मजबूत हो सके.
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एएमटी/डीकेपी