नासिक प्लॉट घोटाले पर राजस्व मंत्री का बयान, ‘शीतकालीन सत्र में पेश होगी एक्शन टेकन रिपोर्ट’

Mumbai , 29 जून . Maharashtra के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने Monday को विधान परिषद में बताया कि विभाग ने नासिक नगर निगम क्षेत्र में 13 साल पुराने एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है. यह घोटाला समग्र आवास नीति के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए मकानों से जुड़ा है, जिन्हें व्यवस्थित तरीके से हड़प लिया गया.

अब तक इस मामले में 197 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और 104 लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई है.

बावनकुले ने कहा कि इस मामले पर विस्तृत ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ आगामी सत्र में पेश की जाएगी.

वे शिवसेना विधायक अनिल परब द्वारा नासिक भूमि घोटाले पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे.

घोटाले के बड़े पैमाने को देखते हुए विशेष जांच दल ने दो महीने का समय बढ़ाने की मांग की है. अंतिम एसआईटी रिपोर्ट 18 अगस्त 2026 तक सौंपी जाएगी.

इसके बाद Government अगले दो महीनों में जांच निष्कर्षों की समीक्षा करेगी. शहरी विकास मंत्रालय और राजस्व विभाग मिलकर पूरी एक्शन टेकन रिपोर्ट दिसंबर के शीतकालीन सत्र में सदन के सामने रखेंगे.

बावनकुले ने आश्वासन दिया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि शहरी विकास विभाग के 8 नवंबर 2013 के नियमों के अनुसार, 4 एकड़ या उससे अधिक भूमि पर बनने वाली किसी भी आवासीय परियोजना में 20 प्रतिशत मकान या भूमि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है और इसे म्हाडा को सौंपना होता है.

इस नियम से बचने के लिए बिल्डरों और कुछ Governmentी अधिकारियों ने मिलकर बड़ा घोटाला किया. उदाहरण के तौर पर, 7 एकड़ की एक जमीन को कागजों पर सात छोटे प्लॉट में बांट दिया गया.

फर्जी नक्शे जमा कर बिल्डरों ने 20 प्रतिशत आरक्षण से अवैध छूट हासिल कर ली. कुल 49 ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें फर्जी तरीके से भूमि विभाजन और रिकॉर्ड में बदलाव कर गरीबों के लिए बने घरों को हड़प लिया गया.

जांच में म्हाडा, नासिक टाउन प्लानिंग और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है.

एक चौंकाने वाले खुलासे में बताया गया कि भूमि अभिलेख विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घोटाले को अंजाम देने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और बाद में इस ऑपरेशन के मुख्य सलाहकार बन गए, जहां उन्होंने अपनी Governmentी सैलरी से 50 गुना अधिक कमाई की.

पहले वह अधिकारी देश छोड़कर फरार हो गया था, लेकिन राजस्व विभाग ने उसे विदेश में ट्रैक कर लिया और वापस लाने में सफलता पाई. उसे डेढ़ महीने जेल में रखा गया, जहां उससे गहन पूछताछ की गई.

राज्य Government ने नासिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन किया है. इसमें Police आयुक्त, सेटलमेंट कमिश्नर और आइजीआर जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.

अब तक Maharashtra भूमि राजस्व संहिता की धारा 257 के तहत 50 फर्जी भूमि लेनदेन रद्द किए जा चुके हैं. 197 आरोपियों में से कई को गिरफ्तार किया गया है और सभी आरोप गैर-जमानती हैं.

मंत्री ने बताया कि Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और उपChief Minister के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है ताकि म्हाडा को हुए वित्तीय नुकसान की वसूली की जा सके और जमीनें वापस लेकर उन्हें गरीबों के आवास के लिए उपयोग में लाया जा सके.

एएमटी/एबीएम

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